कोरबा। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और महिला मोर्चा ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोलते हुए कोरबा जिले में कांग्रेस और विपक्षी दलों का पुतला दहन किया। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने हमेशा की तरह इस बार भी महिलाओं के अधिकारों के साथ छल किया है।

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महिलाओं के हक की राह में रोड़ा बनी कांग्रेस: भाजपा
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं की 33 प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने सदन में इसका विरोध कर अपने ‘महिला विरोधी’ चरित्र को उजागर कर दिया है।
नेताओं के तीखे बाण
टीपी नगर में प्रदर्शन के दौरान –
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महापौर संजू देवी राजपूत ने कड़े शब्दों में कहा, “यह अधिनियम मातृशक्ति के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला था, लेकिन विपक्ष ने विरोध कर उनकी खुशहाली छीन ली है। कांग्रेस महिलाओं को केवल वोट बैंक का हिस्सा मानती है।”
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भाजपा प्रदेश मंत्री ऋतु चौरसिया ने कहा कि विकसित भारत 2047 की संकल्पना महिलाओं के नेतृत्व के बिना अधूरी है, जिसे प्रधानमंत्री पूरा करना चाहते हैं, पर कांग्रेस को यह हजम नहीं हो रहा।
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नरेंद्र देवांगन (पार्षद): “बीते 12 वर्षों में मोदी सरकार ने शिक्षा, रक्षा और चिकित्सा जैसे हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाया है, जबकि कांग्रेस उनके अधिकार छीनने का काम कर रही है।
भारी संख्या में उमड़े कार्यकर्ता
इस आक्रोश प्रदर्शन में जिले के सभी 24 मंडलों से आए सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपयुमो जिलाध्यक्ष वैभव शर्मा, महामंत्री मोंटी पटेल और तुषार साहू के नेतृत्व में युवाओं ने जमकर नारेबाजी की।
प्रमुख उपस्थित: कार्यक्रम में जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष रुक्मणी नायर, महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार, राजेश राठौर, सुजीत सिंह, प्रवीण पांडेय और नवीन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।








