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दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाना पड़ा महंगा: NDMC ने काटे चालान…

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सांस की बीमारियों का बढ़ा खतरा

नई दिल्ली 21 अप्रैल 2026: राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने की पुरानी परंपरा अब प्रशासन की सख्ती और स्वास्थ्य चेतावनियों के घेरे में है। नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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अब तक 76 लोगों पर हुई कार्रवाई

NDMC की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी से अब तक कुल 76 लोगों के चालान काटे जा चुके हैं। ये कार्रवाई उन लोगों पर की गई जो मनाही के बावजूद सार्वजनिक फुटपाथों, ट्रैफिक आइलैंड्स और पैदल रास्तों पर कबूतरों को दाना डाल रहे थे।

स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम: ‘हाइपरसेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस’

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कबूतरों की बढ़ती संख्या केवल गंदगी की समस्या नहीं है, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य संकट भी है:

  • फेफड़ों की बीमारी: कबूतरों के सूखे मल के बारीक कण हवा में मिलकर फेफड़ों तक पहुँच जाते हैं।

  • गंभीर संक्रमण: इससे ‘हाइपरसेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस’ जैसी बीमारी हो सकती है, जिससे सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ और फेफड़ों को स्थायी नुकसान होने का खतरा रहता है।

  • गंदगी का अंबार: फुटपाथों पर जमा मल की परत न केवल बदबू फैलाती है बल्कि फिसलन और संक्रमण का कारण भी बनती है।

छात्र की याचिका और NGT का कड़ा रुख

इस पूरे अभियान की जड़ एक छात्र द्वारा दायर की गई याचिका है। इस याचिका में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से दाना बेचने वालों को हटाने और इससे होने वाली बीमारियों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के हस्तक्षेप के बाद NDMC ने निगरानी बढ़ा दी है और प्रभावित इलाकों में विशेष सफाई अभियान शुरू किया है।

“हमारा उद्देश्य शहर को साफ रखना और बीमारियों को फैलने से रोकना है। आने वाले समय में निगरानी और कड़ी की जाएगी और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।”NDMC अधिकारी


प्रमुख बिंदु एक नजर में:

विवरण जानकारी
कुल चालान (जनवरी से अब तक) 76
मुख्य समस्या गंदगी और सांस की बीमारियां
संबंधित एजेंसी NDMC और NGT
अपील सार्वजनिक स्थानों पर दाना न डालें

।।।

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