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छत्तीसगढ़: स्वामी आत्मानंद स्कूलों में अब नहीं होगी मुफ्त शिक्षा, छात्रों को देनी होगी सालाना फीस

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रायपुर 10 अप्रैल: छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिंदी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार अब इन स्कूलों में मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था को समाप्त कर फीस लागू करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और प्रदेश भर के प्राचार्यों के बीच हुई समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाया गया।

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सालाना 1500 रुपये तक का आएगा खर्च सूत्रों के मुताबिक, सरकार शासकीय स्कूलों की तर्ज पर ही आत्मानंद स्कूलों में फीस लेने की योजना बना रही है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सालाना लगभग 1500 रुपये फीस देनी पड़ सकती है। इस शुल्क ढांचे में 450 रुपये स्कूल फीस के तौर पर और शेष राशि शाला विकास समिति (एसएमसी) के मद में लिए जाने की चर्चा है।

स्कूलों की छवि और गुणवत्ता पर जोर बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि स्कूलों की सकारात्मक छवि से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि:

  • स्कूलों की ‘पॉजिटिव इमेज’ बनाए रखना अनिवार्य है।

  • कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभी से तैयार और गाइड किया जाए।

  • स्कूल परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर लगाम कसी जाए।

अनुदान में हुई बढ़ोतरी एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने स्कूलों को मिलने वाले वार्षिक अनुदान को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। पूर्व में इस राशि में कटौती की गई थी, जिसे अब दोबारा बढ़ा दिया गया है ताकि स्कूल प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाया जा सके।

2020 में हुई थी शुरुआत उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की शुरुआत साल 2020 में हुई थी, जिसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना था। वर्तमान में प्रदेश में ऐसे लगभग 751 स्कूल संचालित हैं। अब तक इन स्कूलों में शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क थी, लेकिन नए प्रस्ताव के बाद छात्रों और अभिभावकों की जेब पर आर्थिक भार बढ़ना तय है।

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