कोलकाता: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का शंखनाद कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार करते हुए शाह ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल में किसी “वंशवाद” को जगह नहीं देगी। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि बंगाल की अगली सरकार भाजपा की होगी और उसका नेतृत्व बंगाल की माटी से जुड़ा कोई कार्यकर्ता ही करेगा।
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शाह के संबोधन की 5 बड़ी बातें:
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वंशवाद पर प्रहार: शाह ने कहा, “बीजेपी में दीदी के बाद भतीजे वाला सिस्टम नहीं चलेगा।” यहाँ योग्य और सक्षम कार्यकर्ता ही मुख्यमंत्री बनेगा।
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UCC का दांव: सत्ता में आने के 6 महीने के भीतर राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का बड़ा ऐलान किया।
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घुसपैठ पर ‘ट्रिपल D’ नीति: सीमाओं को पूरी तरह सील किया जाएगा और घुसपैठियों के खिलाफ ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (पहचानो, हटाओ और निकालो) की नीति अपनाई जाएगी।
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भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल: सिंडिकेट, गुंडों और घुसपैठियों के गठजोड़ को जड़ से खत्म करने का वादा किया।
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सोनार बांग्ला विजन: सिंगूर में इंडस्ट्रियल पार्क, मेट्रो विस्तार और हल्दिया पोर्ट के आधुनिकीकरण के जरिए कोलकाता को विश्वस्तरीय शहर बनाने का रोडमैप पेश किया।
“विपक्ष में बैठना मंजूर, लेकिन तुष्टिकरण नहीं”
अमित शाह ने वैचारिक दृढ़ता दिखाते हुए कहा कि भाजपा हिंदू-मुस्लिम में भेदभाव नहीं करती, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति के सख्त खिलाफ है। उन्होंने हुमायूं कबीर और भाजपा की विचारधारा को नॉर्थ पोल और साउथ पोल (दो ध्रुव) जैसा बताया और स्पष्ट किया कि भाजपा बाबरी मस्जिद की राजनीति करने वालों के साथ बैठने के बजाय 20 साल विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।
“ममता जी की क्षमताओं से आप अनजान हैं, वो ऐसे 2000 वीडियो बना सकती हैं। लेकिन जनता अब भय, भेदभाव और भ्रष्टाचार के शासन से ऊब चुकी है।” — अमित शाह
विकास का नया ब्लू प्रिंट
शाह ने बंगाल की खोई हुई आर्थिक गरिमा को वापस लाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जिक्र किया:
▪️सिंगूर: जहाँ कभी विवाद था, वहाँ अब औद्योगिक पार्क बनाने का वादा। ▪️कनेक्टिविटी: मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और पुराने पुलों का सुदृढ़ीकरण। ▪️तस्करी पर लगाम: गौ तस्करी और अवैध भूमि कब्जों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति।








