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आम आदमी पार्टी में बड़ी दरार: राघव चड्ढा ने नेतृत्व को ललकारा, पार्टी का पलटवार— “जो डर गया, समझो मर गया”

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नई दिल्ली 5 अप्रैल 2026 : आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहा अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गया है। राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी हाईकमान पर तीखा हमला बोला है। चड्ढा ने आरोप लगाया है कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनके बोलने के समय पर पाबंदी लगाने की मांग की है।

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“चुप कराया गया है, पराजित नहीं”: चड्ढा का भावुक संदेश

सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए राघव चड्ढा ने खुद को आम जनता की आवाज़ बताया। उन्होंने पुराने संसद भवन की पृष्ठभूमि में कहा:

“मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मैं वह नदी हूँ जो समय आने पर बाढ़ का रूप ले लेती है।”

चड्ढा ने सवाल उठाया कि क्या डिलीवरी बॉयज की समस्या, हवाई अड्डों पर खाने की ऊंची कीमतों, टोल टैक्स और टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी जैसे सार्वजनिक मुद्दों को संसद में उठाना अपराध है? उन्होंने सीधे तौर पर नेतृत्व से पूछा कि उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

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पार्टी का पलटवार: “समोसे सस्ते कराने हैं या देश बचाना है?”

चड्ढा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने भी बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने फिल्म ‘शोले’ के मशहूर संवाद “जो डर गया, समझो मर गया” के जरिए उन पर तंज कसा।

वहीं, पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अनुराग ढांडा ने चड्ढा की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:

  • मुद्दों पर घेरा: ढांडा ने आरोप लगाया कि जब पार्टी देश बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, चड्ढा ‘हवाई अड्डे की कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने’ जैसे सतही मुद्दों में उलझे हैं।

  • डर का आरोप: पार्टी ने आरोप लगाया कि चड्ढा अब प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने से डरने लगे हैं।

  • अनुशासनहीनता: उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल और चुनाव आयुक्त जैसे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का साथ नहीं दिया और वॉकआउट के दौरान भी सदन में बैठे रहे।

राजनीतिक भविष्य पर संकट?

अरविंद केजरीवाल के सबसे करीबी और भरोसेमंद माने जाने वाले चड्ढा को पद से हटाकर अशोक कुमार मित्तल को उपनेता बनाना इस बात का संकेत है कि पार्टी में उनका कद अब कम हो चुका है। चाटर्ड अकाउंटेंट से राजनेता बने चड्ढा, जिन्होंने पंजाब जीत में अहम भूमिका निभाई थी, अब अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं।


मुख्य बिंदु:

  • राघव चड्ढा राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए गए।

  • चड्ढा ने कहा—संसद में मेरा बोलने का अधिकार छीना गया।

  • AAP ने चड्ढा पर ‘भाजपा से डरने’ और ‘गंभीर मुद्दों पर चुप रहने’ का आरोप लगाया।

  • अशोक कुमार मित्तल होंगे राज्यसभा में पार्टी के नए उपनेता।


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