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कोरबा: हनुमंत कथा के बीच एक ‘रायपुरिया ‘ की कारस्तानियों से उपजा विवाद, आयोजन की साख पर उठे सवाल

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कोरबा। ऊर्जाधानी कोरबा में पहली बार आयोजित हुई पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भव्य हनुमंत कथा अपने उद्देश्यों के साथ-साथ विवादों के घेरे में भी आ गई है। जहाँ एक ओर ‘अपना घर सेवा आश्रम’ द्वारा इस आयोजन के माध्यम से समाज में स्नेह, सेवा और समरसता का माहौल निर्मित करने की सराहनीय पहल की गई, वहीं दूसरी ओर एक तथाकथित ‘रायपुरिया’ भू-माफिया की दखलअंदाजी ने इस पावन वातावरण को प्रदूषित  कर वैमनस्यता का जहर घोल दिया है।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि आयोजन की आड़ में सामंजस्य स्थापित करने के बजाय, इस भू-माफिया की हरकतों के कारण आम लोगों और श्रद्धालुओं के बीच भारी नाराजगी है। विवाद का मुख्य केंद्र वह कथित ‘छूट’ है, जो चर्चाओं के अनुसार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के करीबी लोगों द्वारा उस व्यक्ति को दी गई है। आरोप लग रहे हैं कि इस छूट का फायदा उठाकर वह व्यक्ति न केवल अपनी मनमानी कर रहा है, बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपनी अवसरवादिता को भुनाने में लगा है।

जनता के बीच इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि ऐसे विवादास्पद व्यक्तियों की संलिप्तता से न केवल पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि आयोजन की पवित्रता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कोरबा में जिस तरह के हालात निर्मित हुए हैं, उसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या धर्म के मंच का उपयोग निजी स्वार्थ और अपनी धौंस जमाने के लिए किया जा रहा है?

सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में लोग अब खुलेआम पूछ रहे हैं कि क्या बागेश्वर सरकार की टीम ऐसे तत्वों पर लगाम लगाएगी या फिर कोरबा का यह घटनाक्रम एक गलत मिसाल के रूप में दर्ज होगा। हालांकि ‘अपना घर सेवा आश्रम’ के पदाधिकारियों ने इस पूरे घटना क्रम पर मौन साधे रखा है संभवतः पंडित शास्त्री की वजह से शांत रहना उचित समझा हो। आयोजन की हर तरफ सराहना हो रही है लेकिन कुछ तत्वों की वजह से पूरा आयोजन अलग ही तरह की चर्चा का केंद्रबिंदु बन गया हैं।


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