रायपुर। राजधानी रायपुर के पास अभनपुर इलाके में हुए नितेश बत्रा हत्याकांड में एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है, जिसने पुलिसिया जांच की दिशा ही बदल दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पन्नों ने उस खौफनाक मंजर की तस्दीक की है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नितेश की मौत चोट लगने से नहीं, बल्कि मिट्टी के नीचे जिंदा दफन होने के कारण दम घुटने से हुई थी।
साजिश का सनसनीखेज खुलासा: अधमरी हालत में ही गाड़ दिया
पुलिस की क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने नितेश बत्रा नामक युवक के साथ पहले बर्बरतापूर्वक मारपीट की थी। इस हमले में नितेश गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था। कातिलों ने उसे मरा हुआ समझ लिया और सबूत मिटाने की नीयत से सूनसान इलाके में गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया। लेकिन असलियत यह थी कि उस वक्त नितेश की सांसें चल रही थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि ‘दम घुटने’ (Asphyxia) की वजह से उसकी जान गई, यानी जब उसे मिट्टी में दबाया गया, तब वह जीवित था।
भरेंगाभाटा के सूनसान इलाके में मिली थी लाश
इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब 21 मार्च को अभनपुर के भरेंगाभाटा गांव के ग्रामीणों ने जमीन से बाहर निकला हुआ एक हाथ और पैर देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब खुदाई कराई, तो वहां से नितेश बत्रा का शव बरामद हुआ। शव की शिनाख्त उसके हाथ पर बने टैटू से हुई। मृतक रायपुर के शदाणी दरबार इलाके का रहने वाला था।
पुलिस की रडार पर ‘प्रेम प्रसंग’ और ‘लेनदेन’
इस अमानवीय कृत्य के पीछे की असली वजह तलाशने के लिए रायपुर पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:
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प्रेम प्रसंग: क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई रंजिश या त्रिकोणीय प्रेम संबंध है?
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रुपयों का लेनदेन: क्या किसी बड़े आर्थिक विवाद के चलते नितेश को रास्ते से हटाया गया?
पुलिस की टीमें संदिग्धों की घेराबंदी कर रही हैं और जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
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