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KORBA:भक्ति, रील और रसूख; जब बाबा के दरबार में ‘वीआईपी’ भक्तों ने दिखाई अपनी ‘शक्ति’!

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कोरबा 30 मार्च 2026 । इन दिनों कोरबा का बाकी मोगरा इलाका पंडित धीरेंद्र शास्त्री की ‘हनुमत कथा’ के दिव्य रस से सराबोर होना था, लेकिन लगता है कि भक्तों ने कथा के सार ‘शांति और विनम्रता’ को गेट पर ही छोड़ दिया है। अब चर्चा बाबा के प्रवचनों की कम और भक्तों के बीच हुई उस ‘कुश्ती’ की ज्यादा है, जिसमें भक्ति कम और ‘सोशल मीडिया रील’ का रसूख ज्यादा नजर आया।

रील की माया और रसूख का साया 

मामला कटघोरा के अग्रसेन भवन का है, जहाँ बाबा ठहरे हुए हैं। कल रात यहाँ भक्ति का ऐसा ‘ओवरडोज’ देखने को मिला कि स्थानीय  विहिप के दिग्गज और जमीन के धंधे से जुड़े रायपुरिया रसूखदार’ आपस में भिड़ गए। विवाद की जड़ में कोई आध्यात्मिक जिज्ञासा नहीं थी, बल्कि बाबा के साथ एक अदद ‘रील’ बनाने और उनसे पहले मिलने की होड़ थी। शायद भक्तों को लगा कि बाबा की कृपा तभी बरसेगी जब कैमरे का फ्लैश चमकेगा!

जब ‘इज्जत’ का सवाल बन गया ‘धक्का-मुक्की’

बताया जा रहा है कि रायपुरिया रसूखदार बसंत  के कारिंदों ने जब विहिप नेताओं को बाबा से मिलने से रोका, तो ‘भक्ति’ तुरंत ‘शक्ति प्रदर्शन’ में बदल गई। फिर क्या था? पहले शब्दों के बाण चले और फिर देखते ही देखते मामला ‘हाथापाई’ और ‘धक्का-मुक्की’ तक पहुँच गया। मौके पर मौजूद लोग समझ नहीं पा रहे थे कि यह हनुमत कथा का आयोजन है या किसी अखाड़े का ट्रायल!

पुलिस का ‘वेट एंड वॉच’ मोड

शहर में इस ‘दंगल’ की चर्चा जोरों पर है, लेकिन कटघोरा थानेदार डीएन तिवारी जी का रुख एकदम ‘संतों’ जैसा है। उनका कहना है कि जानकारी तो मिली है, पर जब तक कोई भक्त दूसरे भक्त के खिलाफ ‘कागजी शिकायत’ लेकर नहीं आता, तब तक कानून अपना काम शुरू नहीं करेगा। आखिर शिकायत करे भी कौन? सबको डर है कि कहीं बाबा की अर्जी लगने से पहले थाने की अर्जी न लग जाए।

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