कोरबा 21 मार्च। प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के निर्देश पर कोरबा जिले में एक विशेष अभियान चलाकर पानी और आइसक्रीम बनाने वाली प्रमुख फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

इन संस्थानों पर गिरी गाज
जांच टीम ने जिले के दो प्रमुख स्थानों पर दबिश दी और संदिग्ध उत्पादों के नमूने एकत्र किए:
-
स्मार्ट वाटर (मित्तल इंडस्ट्रीज, दीपका): यहाँ “Smart Water” ब्रांड के नाम से बेचे जा रहे पानी पाउच की जांच की गई और ड्रिंकिंग वाटर के सैंपल जब्त किए गए।
-
फ्लेक्सो आइसक्रीम (मुड़ापार, कोरबा): मुड़ापार स्थित इस फैक्ट्री में टीम ने आइसक्रीम के निर्माण की जांच की और गुणवत्ता परखने के लिए नमूने लिए।
रायपुर लैब भेजी गई रिपोर्ट
अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही फैक्ट्रियों से लिए गए नमूनों को रायपुर स्थित स्टेट फूड लैब भेज दिया गया है। वहां इन नमूनों की गुणवत्ता और तय मानकों की विस्तृत वैज्ञानिक जांच की जाएगी। लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता की असल स्थिति स्पष्ट होगी।
FSSAI नियमों की सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान टीम ने संचालकों को FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता और स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिपोर्ट के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि लैब रिपोर्ट में सैंपल फेल पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्मों के खिलाफ भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
।।।








