गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के दिग्गज नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद, अब उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई ने भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।
मुख्य बातें:
▪️सीट: प्रतीक बोरदोलोई को कांग्रेस ने मार्गेरीटा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था।
▪️इस्तीफे का कारण: प्रतीक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर बताया कि उनके पिता के भाजपा में जाने से मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी।
▪️निष्ठा: चुनाव लड़ने से मना करने के बावजूद, प्रतीक ने स्पष्ट किया कि उनका कांग्रेस पार्टी में विश्वास बना हुआ है और वे पार्टी के लिए काम करना जारी रखेंगे।
कांग्रेस के लिए बढ़ती चुनौतियां:
असम में कांग्रेस एक के बाद एक झटके झेल रही है। पहले भूपेन बोरा का पार्टी छोड़ना और अब प्रद्युत बोरदोलोई जैसे कद्दावर नेता का चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होना, पार्टी की चुनावी रणनीति के लिए बड़ी बाधा साबित हो रहा है। इन घटनाक्रमों ने राज्य में चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहीं प्रियंका गांधी के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।








