वाशिंगटन/दोहा | 19 मार्च, 2026
मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर आत्मघाती ड्रोन हमलों के बाद, अब कतर के विशाल गैस हब को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी, कतर एनर्जी ने पुष्टि की है कि गुरुवार को उसकी कई लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सुविधाओं पर भीषण मिसाइल हमले हुए, जिससे वहां बड़े पैमाने पर आग लग गई।
प्रमुख घटनाक्रम:
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रास लफान पर हमला: बुधवार के बाद गुरुवार को भी रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाया गया। ईरान की सरकारी टीवी ने टेलीग्राम पर धुआं उठती और जलती हुई रिफाइनरी के वीडियो की पुष्टि की है।
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सऊदी अरब का कड़ा रुख: सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि रियाद किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी: राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप का सख्त संदेश
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कतर का इन घटनाओं में कोई हाथ नहीं था और ईरान ने गलतफहमी में एक बेकसूर देश की संपत्तियों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा:
“अगर ईरान ने कतर के LNG प्लांट पर फिर से हमला किया, तो अमेरिका ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत से तबाह कर देगा जो उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। अमेरिका यह कदम इजरायल की मंजूरी के बिना भी उठाने को तैयार है।”
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
सऊदी अरब में हुई क्षेत्रीय विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि खाड़ी देश अब ईरान की आक्रामकता के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। कतर के गैस बुनियादी ढांचे पर हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि कतर दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यातकों में से एक है।
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