कोरबा छत्तीसगढ़ 9 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ की राजनीति में अफीम की खेती के मुद्दे ने एक बड़ा भूचाल ला दिया है। कोरबा प्रवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य की भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रदेश में धान की जगह नशे की खेती को संस्थागत रूप देने की तैयारी चल रही है।
राजस्थान से बुलाए जा रहे ‘मास्टर ट्रेनर्स’
डॉ. महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के भोले-भाले किसानों को अफीम की खेती का प्रशिक्षण देने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “सरकार इसके लिए राजस्थान से विशेष प्रशिक्षकों (कोच) को बुला रही है ताकि यहाँ के किसानों को धान की पारंपरिक खेती से हटाकर नशे के कारोबार में धकेला जा सके।”
आबकारी विभाग और ‘डबल फेंसिंग’ का खेल
महंत ने तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि आबकारी विभाग के माध्यम से अफीम की खेती के लिए डबल फेंसिंग जैसे कड़े प्रावधानों के तहत जमीनें तैयार करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ किसान धान खरीदी की प्रक्रिया में भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार अफीम के जरिए राजस्व बढ़ाने और राज्य को नशे की गर्त में धकेलने की मंशा रख रही है।
महंगाई और व्यक्तिगत कटाक्ष
अफीम के मुद्दे के साथ ही महंत ने केंद्र सरकार को गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर भी घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा:
“जिनका अपना कोई परिवार नहीं है, उन्हें एक आम गृहिणी के रसोई बजट और बच्चों के पालन-पोषण की परेशानियों का अंदाज़ा कभी नहीं हो सकता।”
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
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नशे का हब: महंत के अनुसार छत्तीसगढ़ को पंजाब की तरह नशे की बर्बादी की ओर ले जाने की कोशिश हो रही है।
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धान की उपेक्षा: आरोप है कि धान का उत्पादन जानबूझकर कम दिखाकर वैकल्पिक खेती के नाम पर अफीम को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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मिलावटी शराब: प्रदेश में गुणवत्ताहीन और मिलावटी शराब बेचने का भी आरोप सरकार पर लगाया गया है।








