बलरामपुर-रामानुजगंज: छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही पर कड़ा रुख अपनाते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) करुण डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बॉक्साइट के अवैध परिवहन की जांच के दौरान एक ग्रामीण की हिरासत में मारपीट और उसके बाद हुई मौत के गंभीर मामले में की गई है।
घटना का पूरा विवरण
शासन को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, थाना कोरंधा क्षेत्र के ग्राम हंसपुर में बॉक्साइट के अवैध उत्खनन और परिवहन की सूचना मिली थी। इस दौरान की गई कार्रवाई में तीन ग्रामीणों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई।
मृतक: राम उर्फ रामनेश (62 वर्ष)।
कारण: मारपीट में आई गंभीर चोटों की वजह से बुजुर्ग की मौत हो गई।
रिपोर्ट: कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा भेजे गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर शासन ने यह निर्णय लिया।
कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है:
FIR दर्ज: थाना कोरंधा में अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत मामला दर्ज।
धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी: 16 फरवरी 2026 को करुण डहरिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया है।
निलंबन आदेश के मुख्य बिंदु
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत:
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नियम: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(2)(क) के तहत कार्रवाई।
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मुख्यालय: निलंबन अवधि में डहरिया का मुख्यालय आयुक्त, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।
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भत्ता: नियम 53 के अनुसार, निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रशासनिक संदेश: इस कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। शासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘कस्टोडियल वायलेंस’ (हिरासत में हिंसा) और मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे दोषी कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों न हो।








