Health Care News :मई के इस आखिरी में सूरज की तपिश और लू (Heat Wave) का प्रकोप अपने चरम पर है। इस भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में इन दिनों पेट दर्द, उल्टी और ‘समर डायरिया’ से पीड़ित बच्चों की संख्या में अचानक तेजी देखी जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस मौसम में जरा सी भी लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है।
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क्यों बढ़ रहा है खतरा? तापमान 40 डिग्री के पार होने के कारण खाने-पीने की चीजें बहुत जल्दी खराब (फर्मेंट) हो जाती हैं। बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ऐसे में बासी भोजन, दूषित पानी या बाहर के कटे हुए फल खाने से बच्चे तुरंत इंफेक्शन का शिकार हो रहे हैं। शरीर में पानी की कमी (Dehydration) इस खतरे को दोगुना कर देती है।
डॉक्टर्स की सलाह: इन बातों का रखें खास ख्याल
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ओआरएस (ORS) है सबसे बड़ा रक्षक: बच्चे को दस्त या उल्टी की शिकायत होते ही तुरंत ओआरएस का घोल या नमक-शक्कर का पानी देना शुरू करें।
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बासी खाने को कहें ‘नो’: बच्चों को हमेशा ताजा बना हुआ भोजन ही खिलाएं। फ्रिज में रखे हुए खाने को भी अच्छी तरह गर्म करने के बाद ही दें, बेहतर होगा कि ताजा ही खिलाएं।
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तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं: दिनभर में बच्चे को नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी या आम पन्ना देते रहें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।
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बाहर की चीजों से तौबा: तरबूज, खरबूजा या कोई भी फल बाजार में कटे हुए मिलें, तो उन्हें बिल्कुल न खरीदें। घर पर लाकर ही ताजा फल काटें।
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डॉक्टर से तुरंत संपर्क: यदि बच्चा सुस्त दिख रहा हो, पेशाब कम कर रहा हो या लगातार उल्टी हो रही हो, तो घरेलू उपचार के भरोसे न बैठें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।








