Latest News
कवर्धा: कर्ज और प्रताड़ना से तंग आकर व्यापारी ने परिवार सहित किया आत्मघाती कदम का प्रयास, 5 करोड़ की उधारी का मामला #बंगाल_चुनाव_2026: “भ्रष्टाचारियों को उल्टा लटका देंगे” — अमित शाह का बड़ा प्रहार बस्ती की राख में दफन हुए आशियाने: एक चिंगारी, 200 घर और अपनों को ढूंढती सजल आँखें पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु प्रपोजल एवं सेंक्शन आर्डर लाक करने की अंतिम तिथि निर्धारित हरदीबाजार: मिनीमाता और बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद ज्योत्सना महंत हुए शामिल छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं पर बड़ी स्ट्राइक: साय कैबिनेट ने खत्म किया निजी एकाधिकार, CMDC संभालेगी कमान
Home » Uncategorized » छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ‘इस्तीफा बम’: 11 साल की उपेक्षा से आहत प्रदेश सचिव निवेदिता चटर्जी ने छोड़ा पद

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ‘इस्तीफा बम’: 11 साल की उपेक्षा से आहत प्रदेश सचिव निवेदिता चटर्जी ने छोड़ा पद

Share:

पीसीसी चीफ को लिखा भावुक और तीखा पत्र: कहा- ‘मैं सचिव ही रह गई और जूनियर नेता बन गए विधायक-सांसद’

रायपुर | विशेष संवाददाता छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में अंदरूनी कलह और गुटबाजी एक बार फिर सड़कों पर आ गई है। पार्टी की कद्दावर महिला नेता और प्रदेश सचिव निवेदिता चटर्जी ने अपने पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस खेमे में हड़कंप मचा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भेजे गए अपने इस्तीफे में निवेदिता ने न केवल अपनी उपेक्षा का दर्द बयां किया है, बल्कि पार्टी के भीतर चल रहे ‘प्रमोशन कल्चर’ और ‘टिकट वितरण’ की धांधलियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

‘बीमार मां के पास अकेली खड़ी रही, पर किसी कांग्रेसी ने फोन तक नहीं किया’

निवेदिता चटर्जी ने अपने पत्र में बेहद भावुक होते हुए लिखा कि पिछला एक साल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद कठिन था। उनकी माता जी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, लेकिन इस दौरान पार्टी के किसी नेता ने उनकी सुध लेना तो दूर, एक फोन तक करना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने आरोप लगाया कि वह अकेली अपने परिवार को संभालती रहीं, जबकि पार्टी के कार्यक्रमों के लिए उनसे हमेशा जवाबदेही मांगी जाती रही।

11 साल का वनवास: जूनियर हुए प्रमोट, सीनियर की अनदेखी

इस्तीफे में सबसे बड़ा हमला पार्टी के सांगठनिक ढांचे पर किया गया है। निवेदिता ने लिखा, “मैं 2014 से प्रदेश सचिव के पद पर हूं। आज 11 साल बीत गए, लेकिन मैं सचिव की सचिव ही रह गई। मेरे सामने ब्लॉक अध्यक्ष, विधायक और सांसद बन गए, लेकिन मेरी निष्ठा का फल मुझे पदोन्नति के रूप में नहीं मिला।” उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि क्या जनरल कैटेगरी से होने के कारण उन्हें उन्नति का अधिकार नहीं है?

टिकट वितरण पर बड़ा खुलासा

निवेदिता ने चुनाव के दौरान गलत टिकट वितरण को भी हार का कारण बताया। उन्होंने लिखा कि उनके अपने क्षेत्र में वार्ड पार्षद का टिकट एक ऐसी महिला को दे दिया गया जो टिकट मिलने के बाद पार्टी की सदस्य बनीं। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि पार्टी गलत लोगों को टिकट दे सकती है, लेकिन अपने समर्पित पदाधिकारियों को नहीं।

रायपुर दक्षिण की हार पर उठाए सवाल

अपने पत्र के अंत में उन्होंने पार्टी नेतृत्व को आईना दिखाते हुए पूछा कि रायपुर दक्षिण और पंकज विक्रम वार्ड जैसे मजबूत गढ़ आखिर कांग्रेस क्यों हार गई? उन्होंने संकेत दिया कि अगर जमीनी कार्यकर्ताओं और अनुभवी पदाधिकारियों की इसी तरह अनदेखी होती रही, तो परिणाम ऐसे ही आएंगे।

“इससे अच्छा तो मैं साधारण कार्यकर्ता रहूं। मेरा इस्तीफा मंजूर किया जाए।”डॉ. निवेदिता चटर्जी (इस्तीफे के पत्र से)

Leave a Comment