इंफाल | मणिपुर में करीब एक साल से जारी राजनीतिक अनिश्चितता पर बुधवार को विराम लग गया। राजग (NDA) विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। राजभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक तरूण चुघ और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा विशेष रूप से मौजूद रहे।
राष्ट्रपति शासन की समाप्ति
केंद्र सरकार ने बुधवार सुबह ही मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाने की आधिकारिक घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुच्छेद 356 के उपखंड (2) का प्रयोग करते हुए 13 फरवरी, 2025 से लागू उद्घोषणा को 4 फरवरी, 2026 से रद्द कर दिया गया है।
फ्लैशबैक: क्यों थमा था लोकतंत्र?
विदित हो कि पिछले साल 9 फरवरी को मेइती और कुकी समुदायों के बीच भड़की भीषण जातीय हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए 13 फरवरी, 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। अब खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार 2027 तक के शेष कार्यकाल को पूरा करेगी।








