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अतिथि देवो भव:’ का नया फॉर्मूला: सीएम का स्वागत सड़कों पर, विपक्ष का सत्कार कुसमुंडा थाने में!

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कोरबा 3 फरवरी 2026 । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा आगमन पर प्रशासन ने ‘अतिथि देवो भव:’ की एक नई और अनोखी परिभाषा पेश की। सता पक्ष द्वारा जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री के स्वागत में पलक – पावड़े बिछाए गए, वहीं दूसरी तरफ विरोध की तैयारी कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने “स्पेशल ट्रीटमेंट” देते हुए बस में ठूंसकर कुसमुंडा थाने की सैर करा दी।

नारेबाजी का ‘मुहूर्त’ और पुलिस की ‘फुर्ती’

दो फरवरी सोमवार को जैसे ही युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष द्व्य राकेश पंकज (शहर)और विकास सिंह ( ग्रामीण ) की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने टीपी नगर कार्यालय से बाहर कदम रखा, पुलिस पहले से ही ‘पलकें बिछाए’ खड़ी थी। कार्यकर्ता किसानों की मौत पर सवाल पूछने और काले झंडे दिखाने का अरमान दिल में पाले हुए थे, लेकिन पुलिस ने उनके अरमानों को बस की खिड़कियों के पीछे कैद कर दिया।

किसानों की मौत पर जवाब दो : नारों की गूंज 

 युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर निकले, जिस पर “किसानों की मौत पर जश्न नहीं, जवाब चाहिए” जैसे नारे लिखे थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राज्य सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखाने और आगे बढ़ने का प्रयास किया, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें घेर लिया।

कुसमुंडा थाने में ‘लंच ब्रेक’

लोकतंत्र की दुहाई देते कार्यकर्ताओं को धक्का-मुक्की के बीच पुलिस वैन में भरा गया। नजारा ऐसा था मानो कोई बड़ी रेस्क्यू टीम अभियान चला रही हो। पुलिस इन्हें करीब 3 किलोमीटर दूर कुसमुंडा थाना ले गई और वहां तब तक “खातिरदारी” (नजरबंदी) की गई, जब तक मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर कोरबा की सीमा से उड़ नहीं गया।

सवाल हवा में, नेता थाने में

हिरासत में लिए गए नवीन कुकरेजा, विवेक श्रीवास और मधुसूदन दास जैसे नेताओं का आरोप है कि सरकार सवालों से इतना डर गई है कि अब पुलिस ही सुरक्षा कवच बन गई है। खैर, जैसे ही वीआईपी मूवमेंट खत्म हुआ, पुलिस को अचानक दिव्य ज्ञान हुआ और सभी कार्यकर्ताओं को बाइज्जत रिहा कर दिया गया।