जांजगीर-चांपा | ब्यूरो जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ और शिवरीनारायण इलाके में बीते दिनों आतंक मचाने वाले एक खतरनाक गिरोह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। 27 और 29 जनवरी की दरम्यानी रात 5 अलग-अलग स्थानों पर लूटपाट और प्राणघातक हमले करने वाले इस गैंग के 8 सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। वहीं, नवें आरोपी रामनाथ को जब पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की, तो उसने कट्टे से फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी है।

मौत का तांडव: 13 लोग घायल, 1 कोमा में
इस गिरोह का हमला करने का तरीका रूह कंपा देने वाला था। ये अपराधी सुनसान रास्तों पर राहगीरों को रोकते और सीधे उनके सिर पर लोहे की रॉड और डंडों से वार करते थे। इस क्रूरता में अब तक 13 लोग घायल हुए हैं।
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मुकेश रायसागर की हालत अत्यंत नाजुक है और वह कोमा में है।
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अमन बंजारे भी गंभीर रूप से घायल है; दोनों का इलाज बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में चल रहा है।
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अन्य घायलों में दीपक, प्रशांत, अनिकेत, लक्ष्मण यादव सहित कुल 13 ग्रामीण शामिल हैं।
सुनियोजित था ‘रॉड-डंडा’ गैंग का आतंक
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित होकर मोटरसाइकिलों (KTM और अन्य) पर निकलते थे। इनका मुख्य उद्देश्य लूटपाट के साथ-साथ क्षेत्र में दहशत फैलाना था। आरोपी रास्ते में मिलने वाले हर शख्स पर एक साथ हमला कर देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से:
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4 स्टील रॉड, लोहे के पाइप और डंडे।
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4 मोटरसाइकिलें (KTM, सीडी डीलक्स, स्कूटी)।
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लूट के मोबाइल और ₹9,000 नगद।
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कुल ₹4,09,000/- की संपत्ति बरामद की है।
पकड़े गए आरोपियों की सूची
पुलिस ने इस मामले में निखिल टंडन, मनीराम गोंड, नरेश यादव, रोशन टंडन, आयुष रात्रे, सन्नी और दो विधि विरुद्ध संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में घायल आरोपी रामनाथ का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
अपडेट: घायलों की स्थिति पर नजर
प्रशासन और पुलिस की टीम घायलों के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है। कचंदा, बोईदा और सोनसरी के ग्रामीणों में इस कार्रवाई के बाद थोड़ी राहत है, हालांकि कोमा में गए युवक के परिवार में मातम पसरा है।








