पाली ब्लॉक के मुनगाडीह और सपलवा के छात्र परेशान, 20 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं
कोरबा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। महज 21 दिन शेष रहते जहां छात्र तैयारियों में जुटे हैं, वहीं परीक्षा केंद्रों की दूरी उनकी चिंता बढ़ा रही है। इस वर्ष भी जिले में हाई स्कूल के 98 और हायर सेकेंडरी के 96 केंद्र ही रहेंगे। शिक्षा मंडल ने जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रस्तावित नए केंद्रों को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है।
दुर्गम इलाकों की अनदेखी, छात्रों पर ‘दूरी’ की मार
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने पाली विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों— मुनगाडीह और सपलवा को नया परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव रायपुर भेजा था। मंडल स्तर पर इस मांग को अस्वीकार किए जाने से अब सैकड़ों छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए 15 से 20 किलोमीटर का कठिन सफर तय करना होगा।
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मुनगाडीह: यहाँ के छात्रों को अब 15 किमी दूर पाली जाकर परीक्षा देनी होगी।
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सपलवा: यहाँ के विद्यार्थियों को करीब 20 किमी दूर चैतमा स्थित केंद्र आवंटित किया गया है।
आर्थिक और मानसिक बोझ
परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों को परीक्षा के दौरान रिश्तेदारों के यहाँ रुकने की मजबूरी होगी। अभिभावकों का कहना है कि लंबी दूरी और आवागमन की असुविधा से बच्चों पर मानसिक तनाव बढ़ता है, जिसका सीधा असर उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है।
विभाग बेबस, छात्र हित में पुनर्विचार की मांग
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि दूरस्थ क्षेत्रों में केंद्र बनने से राहत मिलती, लेकिन बोर्ड के निर्णय के बाद अब मौजूदा संसाधनों को ही सुसज्जित किया जा रहा है। दूसरी ओर, शिक्षाविदों ने मांग की है कि भविष्य में केंद्रों के निर्धारण में केवल ‘संख्या’ नहीं बल्कि ‘भौगोलिक स्थिति’ को भी पैमाना बनाया जाना चाहिए।








