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छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: जन्म के समय लिंगानुपात में देश में अव्वल, प्रति 1000 बेटों पर 974 बेटियाँ

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रायपुर | 24 जनवरी, 2026 आज 24 जनवरी को पूरा देश ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ मना रहा है , लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए यह अवसर दोहरी खुशी लेकर आया है। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने लैंगिक समानता की दिशा में बड़ी छलांग लगाते हुए देश में सर्वाधिक 974 का जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth – SRB) हासिल किया है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत (929) से कहीं अधिक है, जो प्रदेश में बेटियों के प्रति बदलती सोच का जीवंत प्रमाण है।

कड़ी निगरानी और सरकारी नीतियों का असर

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में PC-PNDT अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण और पारदर्शी पंजीकरण प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय चिकित्सकों, जिला प्रशासन और महिला समूहों के साझा प्रयासों को दिया।

भ्रूण परीक्षण पर ‘जीरो टॉलरेंस’

राज्य सरकार कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। प्रसव पूर्व लिंग चयन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए जिला और राज्य स्तरीय सलाहकार समितियां लगातार सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) द्वारा ग्रामीण स्तर तक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लिंग आधारित भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके।

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