रायपुर 18 जनवरी 2026| छत्तीसगढ़ में चिकित्सा उपकरणों और ‘री-एजेंट’ की खरीदी में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल ऑफिस ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के पार्टनर शशांक चोपड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 19 जनवरी तक के लिए ED की रिमांड पर भेज दिया गया है।
सिंडिकेट बनाकर सरकारी खजाने को लगाया चूना
ED की यह जांच ACB और EOW द्वारा रायपुर में दर्ज FIR और चार्जशीट पर आधारित है। जांच में खुलासा हुआ है कि शशांक चोपड़ा ने स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर एक मजबूत सिंडिकेट बनाया था। इस मिलीभगत के जरिए टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर की गई और अत्यधिक ऊंचे दामों पर मेडिकल उपकरणों की सप्लाई कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
शेल कंपनियों के जरिए खपाया ‘काली कमाई’ का पैसा
ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) को छिपाने के लिए शशांक चोपड़ा ने कई फर्जी फर्में बनाई थीं। इन फर्मों के साथ ट्रेनिंग और मेंटेनेंस के फर्जी सर्विस एग्रीमेंट किए गए, ताकि पैसे को ‘लेयरिंग’ के जरिए वैध दिखाया जा सके। इसके बाद बड़ी मात्रा में नकदी निकाली गई, जिसका उपयोग रिश्वत देने और अवैध रूप से संपत्ति खरीदने में किया गया।
अब तक 43 करोड़ की संपत्ति पर रेड
इससे पहले ED ने आरोपी और उसके करीबियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान 43 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति, जिसमें बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर और वाहन शामिल हैं, उन्हें जब्त या फ्रीज कर दिया गया है। मौके से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए हैं, जो इस घोटाले की परतों को खोल रहे हैं। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है और कई बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।








