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छत्तीसगढ़: वन विश्राम गृहों में अब अश्लीलता और अनधिकृत प्रवेश पर लगेगी लगाम, चप्पे-चप्पे पर होगी सीसीटीवी से नजर

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कथित वायरल वीडियो के बाद वन विभाग सख्त; बिना आधार कार्ड नहीं मिलेगी एंट्री, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के वन विश्राम गृहों (Forest Rest Houses) में पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित अश्लील डांस वीडियो ने विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने अब बड़ा फैसला लिया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं वन बल प्रमुख ने राज्य के सभी वन निरीक्षण कुटीरों और विश्राम गृहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षा और अनुशासन के लिए 12 जनवरी को जारी हुआ आदेश 12 जनवरी 2026 को जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत राज्य के सभी मुख्य वन संरक्षकों और वनमंडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र के विश्राम गृहों में सुरक्षा, संपत्ति संरक्षण और अनुशासन बनाए रखने के लिए तत्काल सीसीटीवी कैमरों की कार्ययोजना तैयार करें।

इन प्रमुख बिंदुओं पर रहेगा जोर:

संवेदनशील स्थानों पर निगरानी: कैमरे मुख्य रूप से प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, पार्किंग, कॉरिडोर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।

आधार कार्ड अनिवार्य: अब विश्राम गृहों में ठहरने वाले हर व्यक्ति की पहचान आधार कार्ड के जरिए सुनिश्चित की जाएगी और उसका पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

जवाबदेही तय: कैमरों की रिकॉर्डिंग और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएगी।

नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी परिसर में अनधिकृत प्रवेश या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे। ऐसे मामलों में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस कदम से न केवल सरकारी संपत्तियों का संरक्षण होगा, बल्कि वन विश्राम गृहों की गरिमा भी बनी रहेगी।

 

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