“Vote thieves, leave the throne!” roar: Ramlila Maidan packed with people at Rahul Gandhi’s mega rally, Delhi roads jammed!
दिल्ली 14 दिसंबर:कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर एक विशाल रैली को संबोधित किया। यह रैली ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान के तहत आयोजित की गई थी और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
रैली की मुख्य बातें और ज़ोरदार प्रदर्शन
-
भर गया रामलीला मैदान: देश के कोने-कोने से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण रामलीला मैदान खचाखच भर गया। इस रैली के कारण दिल्ली की सड़कों पर ज़बरदस्त जाम की स्थिति देखने को मिली, जो भीड़ की विशालता को दर्शाता है।
-
राहुल गांधी का आक्रामक वार: राहुल गांधी ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है और अब “बच्चे-बच्चे जानते हैं कि वोट चोरी के ज़रिए सरकार बनाई जा रही है।”
-
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला और कहा कि शाह की बहादुरी केवल सत्ता में रहने तक है, और उन्होंने संसद में उनके ‘कांपते हाथ’ का ज़िक्र भी किया।
-
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के समय ₹10,000 बांटती है और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में धांधली की गई है।
-
-
खरगे का नेतृत्व और संदेश: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी रैली को संबोधित किया और कहा कि आज़ादी कांग्रेस ने दिलाई, पीएम मोदी ने नहीं। उन्होंने इस आंदोलन का नेतृत्व किया और सरकार पर तीखा हमला बोला।
-
विपक्षी एकता से दूरी: इस रैली की ख़ास बात यह रही कि ‘वोट चोरी’ के इस अभियान में कांग्रेस ने किसी भी विपक्षी नेता को आमंत्रित नहीं किया।
-
हस्ताक्षर अभियान: कांग्रेस ने इस अभियान के तहत कथित वोट चोरी के ख़िलाफ़ 5.50 करोड़ हस्ताक्षर जुटाए हैं। रैली के बाद पार्टी इन हस्ताक्षरों और एक ज्ञापन को राष्ट्रपति कार्यालय में सौंपने की तैयारी कर रही है।
-
भाजपा का पलटवार: भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने कांग्रेस की रैली पर हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल तब ईवीएम पर सवाल उठाते हैं और वोट चोरी का आरोप लगाते हैं जब चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं होते हैं।
यह रैली कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन है, जो 2025 के चुनावों से पहले पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास है।








