रायपुर छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटते हुए कांग्रेस ने आज एक बड़ा कदम उठाया। रायपुर के राजीव भवन में PCC चीफ दीपक बैज की अध्यक्षता में 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली और अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
इस अहम मीटिंग में न केवल संगठन की नई रणनीति और कार्यप्रणाली पर मुहर लगाई गई, बल्कि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत बनाने के लिए सख्त निर्देश भी जारी किए गए। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह बैठक संगठनात्मक पुनर्निर्माण अभियान की शुरुआत है, जिसका सीधा लक्ष्य 2028 में भाजपा की मजबूत जमीनी संरचना को चुनौती देना है।
बैठक के प्रमुख निर्णय और निर्देश
बैठक में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को उनकी नई जिम्मेदारी और संगठनात्मक दिशा की स्पष्ट जानकारी दी गई। मुख्य निर्देश निम्न प्रकार रहे:
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बूथ बैठक अनिवार्य: सभी जिला अध्यक्ष हर महीने अनिवार्य रूप से बूथ अध्यक्षों की बैठक लेंगे ताकि संगठन की जड़ें मजबूत हों।
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फील्ड में सक्रियता: अध्यक्षों को खुद नियमित रूप से फील्ड में सक्रिय रहने और ब्लॉक स्तर तक संगठन का जायजा लेने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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सघन प्रशिक्षण की रूपरेखा फाइनल: संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए जिस विशेष प्रशिक्षण की योजना बनाई गई थी, उसकी रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है।
दो चरणों में होगा 12 घंटे का सघन प्रशिक्षण
बैठक के बाद जल्द ही जिला अध्यक्षों का सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। यह प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जाएगा और दोनों चरणों में रोजाना 10 से 12 घंटे के सत्र चलाए जाएंगे।
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पहला चरण (राजनीतिक और संगठनात्मक): यह चरण मुख्य रूप से राजनीतिक शिक्षा, कांग्रेस की विचारधारा और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की बारीकियों पर केंद्रित होगा।
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दूसरा चरण (रणनीति और कौशल): इसमें चुनाव रणनीति निर्माण, कुशल प्रबंधन और तकनीकी कौशल को सिखाया जाएगा, जिससे वे आधुनिक राजनीति की चुनौतियों का सामना कर सकें।
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला अध्यक्षों को सशक्त बनाना है ताकि वे ब्लॉक स्तर तक संगठन को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त कर सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी अध्यक्षों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा और उसी के आधार पर उनकी आगे की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी, जो सीधे 2028 के चुनावी मिशन से जुड़ी होंगी।








