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न्याय के बदले मिला आरोप! 23 किलो चांदी लेकर चले व्यापारी की व्यथा सुन कोरबा में फूटा गुस्सा

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कोरबा/छत्तीसगढ़ 27 मई : छत्तीसगढ़ में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों के साथ पुलिस और केंद्रीय माल एवं सेवा कर (CGST) विभाग के अधिकारियों की मनमानी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मुंबई से आकर छत्तीसगढ़ में चांदी के जेवरातों की सप्लाई करने वाले एक बड़े व्यापारी संजय कुमार बाहेती इन दिनों सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता और प्रताड़ना से इस कदर परेशान हो चुके हैं कि अब स्थानीय व्यापारियों को उनके समर्थन में सड़क पर उतरना पड़ा है।

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बस से चोरी हो गई 10 किलो चांदी

मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई के व्यापारी संजय कुमार बाहेती गत 13 मई को लगभग 23 किलो चांदी के जेवरात लेकर अंबिकापुर से एक बस में सवार होकर रायपुर जा रहे थे। रात करीब 1:00 बजे जब बस कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक होटल पर रुकी, तो संजय अपने चांदी से भरे तीन बैग सीट पर ही छोड़कर लघुशंका के लिए नीचे उतरे। जब वे वापस लौटे, तो उनके होश उड़ गए। सीट पर रखे तीन बैगों में से दो बैग गायब थे, जिनमें लगभग 10 किलो चांदी के जेवरात रखे हुए थे। व्यापारी का आरोप है कि इस दौरान बस के ड्राइवर ने भी उन्हें गुमराह किया और किसी अन्य से इस विषय में चर्चा नहीं करने दी।

बांगो पुलिस का अमानवीय चेहरा: पीड़ित को ही बताया चोर

इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद जब पीड़ित व्यापारी संजय बाहेती न्याय की गुहार लेकर बांगो थाना पहुंचे, तो वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का रवैया बेहद शर्मनाक रहा। पुलिस ने पीड़ित की मदद करने और चोरों को पकड़ने के बजाय व्यापारी पर ही तंज कसते हुए कह दिया कि “आपके पास कोई माल था ही नहीं, और अगर था भी तो अपनी चांदी आपने खुद ही चोरी की है।”

हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से तो साफ इनकार कर दिया, लेकिन चोरी होने से बच गई 12 किलो 377 ग्राम चांदी को अपने कब्जे में ले लिया और उसके कागजात जीएसटी (GST) ऑफिस भेज दिए।

अब GST दफ्तर के चक्कर काट रहा पीड़ित, कोरबा के व्यापारियों का फूटा गुस्सा

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब व्यापारी जीएसटी अधिकारियों के चक्रव्यूह में फंस गया है। संजय कुमार बाहेती का कहना है कि उन्होंने माल से जुड़े सभी वैध और पक्के कागजात जीएसटी ऑफिस में जमा करा दिए हैं, इसके बावजूद अधिकारी क्लीयरेंस देने में आनाकानी कर रहे हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।

व्यापारी की इस आपबीती और बेबसी को देखकर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के कोरबा जिला अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, जगदीश सोनी, सुभाष अग्रवाल समेत कई अन्य पदाधिकारी और स्थानीय व्यापारी लामबंद हो गए। नाराज व्यापारियों ने सीधे जीएसटी ऑफिस पहुंचकर अधिकारियों का घेराव किया और जमकर खरी-खोटी सुनाई।

आंदोलन की चेतावनी

हंगामे के दौरान जीएसटी अधिकारियों ने नियमों और कागजी अवरोधों का रोना रोते हुए अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। लेकिन चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी इस बात पर अड़ गए कि जब सारे वैध दस्तावेज दे दिए गए हैं, तो व्यापारी को क्यों दौड़ाया जा रहा है? व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के बर्ताव से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ में बाहरी व्यापारियों के लिए निर्भय होकर कारोबार करने का माहौल नहीं रह गया है।

पदाधिकारियों ने कोरबा पुलिस के रवैये पर भी गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि पुलिस ने पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय उस पर ही झूठा आरोप मढ़ दिया। व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि मुंबई के पीड़ित व्यापारी को जल्द से जल्द न्याय नहीं मिला और उसकी चांदी वापस नहीं की गई, तो कोरबा के व्यापारी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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