भिंड, मध्य प्रदेश: भिंड जिले में कानून के पालन का आग्रह करना एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ है। जिले में एक युवक को, एक मंत्री के समधी को, सड़क किनारे पेशाब करने से रोकना इतना महंगा पड़ा कि उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।पुलिस ने इस संबंध में तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है मामला?
यह सनसनीखेज घटना भिंड जिले की है, जहाँ एक स्थानीय युवक ने एक प्रभावशाली व्यक्ति को सड़क किनारे सार्वजनिक रूप से पेशाब करने से रोका था।
आरोप है कि जिस व्यक्ति को रोका गया, वह एक वरिष्ठ मंत्री के समधी हैं। इस मामूली बात पर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मंत्री के समधी और उनके साथियों ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के विरोध में परिजन ने पोस्टमार्टम के बाद रोड पर शव रखकर चक्काजाम किया जिसके बाद पुलिस ने कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के समधी जेपी कांकर, सुनील कांकर और दीपू बौहरे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। मृतक के परिजन ने आरोप लगाया कि आरोपियों को दूसरे मामले में पुलिस ने बंद कर दिया है और उन्हें हत्या के प्रकरण में बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार 24 साल के गौरव गुर्जर की चचेरी बहन वर्षा गुर्जर की रविवार को शादी थी। रात में बारात आने से पहले घर के बाहर रोड किनारे भात का कार्यक्रम चल रहा था। ग्वालियर से भिण्ड जा रहे तीनों आरोपियों ने दिलीप सिंह का पुरा में कार रोक दी। जेपी कांकर पेशाब करने के लिए उतरा तभी गौरव गुर्जर ने उसे टोकते हुए कहा कि यहां कार्यक्रम चल रहा है, दिखाई नहीं दे रहा क्या। इस पर जेपी कांकर ने कहा कि जानता नहीं मैं मंत्री का समधी हूं। इस पर दोनों में कहासुनी हुई तो आरोपी कार बैक कर जाने लगे। गौरव आरोपियों से बहस करते हुए घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर आ गया तभी आरोपियों ने बंदूक से उसके पेट में गोली मार दी। गोली लगते ही गौरव जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी भाग गए। परिजन गौरव को गंभीर रूप से इलाज के लिए ग्वालियर लेकर आए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है । इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रभावशाली लोगों के बेलगाम रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








