US President Donald Trump and H-1B visa policy : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा के लिए 100,000 डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) का आवेदन शुल्क लगाने का एलान किया था। इस फैसले के बाद अमेरिका में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों के बीच घबराहट बढ़ गई थी। हालांकि, व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि यह शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा, पुराने वीजा होल्डर्स पर नहीं।
नए नियम की मुख्य बातें:
– नया शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू: यह शुल्क उन लोगों पर लागू होगा जो पहली बार H-1B वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं।
– पुराने वीजा होल्डर्स पर नहीं लागू : जो लोग पहले से ही H-1B वीजा होल्डर हैं और अमेरिका में काम कर रहे हैं, उन्हें यह शुल्क नहीं देना होगा।
– देश से बाहर जाने पर नहीं लागू : जो लोग देश छोड़ रहे हैं या भारत जा रहे हैं, उन्हें भी यह शुल्क नहीं देना होगा।
– वन टाइम फीस : यह शुल्क एक बार ही देना होगा, यह कोई सालाना फीस नहीं है।
– केवल नए वीजा पर लागू : यह शुल्क केवल नए वीजा पर लागू होगा, रिन्यूअल पर नहीं।
कौन प्रभावित होगा
– नए आवेदक : जो लोग पहली बार H-1B वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें यह शुल्क देना होगा।
– भारतीय पेशेवर : H-1B वीजा धारकों में 71 प्रतिशत भारत से आते हैं, इसलिए इस शुल्क का सबसे अधिक प्रभाव भारतीय पेशेवरों पर पड़ेगा।
महत्वपूर्ण तिथि:
– 21 सितंबर 2025 : यह शुल्क 21 सितंबर 2025 के बाद आईं नई एप्लीकेशन पर लागू होगा।








