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शनि मंदिर को छोड़, बिजली कंपनी ने जमीदोंज किया 400 आवास

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कोरबा 15 सितंबर। छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन कंपनी ने कोरबा ईस्ट की अपनी कॉलोनी के 400 से ज्यादा आवासों को सुरक्षा कारणों से ध्वस्त कर दिया है। एक तरह से अब यह कॉलोनी उजड़ गई है। इसके बावजूद कॉलोनी के बीच स्थित भगवान शनि के मंदिर में अभी भी श्रद्धालुओं की उपस्थिति हो रही है। इससे वातावरण बोझिल होने से बच सका है।

कोरबा ईस्ट में बिजली उत्पादन कंपनी की कॉलोनी पूर्ववर्ती मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के समय से है। छत्तीसगढ़ गठन के बाद कॉलोनी का नाम बदला लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम हो गई। कुछ यहां रह गए, कुछ रिटायर्ड हो गए और कुछ अपने मूल स्थान को चले गए। ऐसी स्थिति में बिजली कंपनी की कॉलोनी में कर्मचारियों के हिसाब से आवासों की उपयोगिता में गिरावट आई लेकिन लंबे समय से आपात्र लोगों ने आवासों पर जबरिया कब्जा कर लिया। यह लोग फ्री में रहने की सुविधा के साथ-साथ कंपनी का पानी ले रहे थे और बिजली भी। इसके कारण कंपनी को हर महीने लाखों का नुकसान हो रहा था। समय के साथ इन आवासों में टूट फूट की समस्याएं जिसके बाद एक निर्णय के तहत उसने सुरक्षा कारण का हवाला दिया और आदेश जारी करते हुए धीरे-धीरे लोगों को यहां से निकाला और फिर डिस्मेंटल की कार्रवाई कर दी।

 

विद्युत मंडल कॉलोनी के रहने के समय कुछ लोगों ने मिलकर यहां पर शनि मंदिर का निर्माण कराया। खास तौर पर प्रत्येक शनिवार और अमावस्या के अलावा वर्ष में शनि जयंती को कार्यक्रम किए जाते रहे। लेकिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति हर दिन यहां पर होती रही। धार्मिक कारण से लोगों का जुड़ाव सूर्यपुत्र शनि के प्रति कुछ ज्यादा ही है। भले ही सीएसईबी प्रबंधन कॉलोनी को उजाड़ दिया है लेकिन मंदिर अभी भी अपने मूल स्वरूप में मौजूद है और श्रद्धालुओं का आना जाना है जारी है। ऐसा माना जा रहा है कि किसी विशेष प्रभाव से मंदिर अब तक अस्तित्व बचाए हुए हैं या फिर सीएसईबी के अधिकारी अपना सिर दर्द नहीं बढने के लिए यहां पर छेड़छाड़ करने से खुद को बचाए हुए हैं।

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