Latest News
वेदांता पावर प्लांट हादसा: उद्योग मंत्री ने किया घटनास्थल का निरीक्षण , तकनीकी पहलुओं की जाँच एवं एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किया डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण का निरीक्षण; प्रगणकों को दी त्रुटि रहित कार्य की हिदायत सनसनी: कोर्ट की दूसरी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरा संदीप अग्रवाल, कटघोरा पुलिस पर लगाया जानलेवा हमले का आरोप भाजपा नेता केदारनाथ अग्रवाल बने गेवरा- दीपका,कुसमुंडा,कोरबा क्षेत्र के प्रभारी, एचएमएस ने किया भव्य स्वागत सरकारी क्वार्टर में संदिग्ध मौत: डॉक्टर पर  हत्या का संगीन आरोप साजिश का पर्दाफाश: बालको चिमनी हादसे के गवाह को होटल में छिपाया, आरोपी के साथ धराया!
Home » देश » भारत में रह सकेंगे अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक

भारत में रह सकेंगे अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक

Share:

 

Lastest News : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भारत आए अल्पसंख्यक समुदाय जैसे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के सदस्यों को बिना पासपोर्ट या अन्य दस्तावेजों के भारत में रहने की अनुमति दी जाएगी। यह छूट उन लोगों को दी जाएगी जो धार्मिक उत्पीड़न या धार्मिक उत्पीड़न के डर के कारण भारत में शरण लेने के लिए मजबूर हुए और 31 दिसंबर, 2024 तक भारत में प्रवेश किया।

कौन-कौन से अल्पसंख्यक समुदाय हैं पात्र?
– हिंदू
– सिख
– बौद्ध
– जैन
– पारसी
– ईसाई

क्या है नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए)?
नागरिकता संशोधन अधिनियम के अनुसार, 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए इन तीन देशों के प्रताडि़त अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। अब गृह मंत्रालय के नए फैसले से दस साल बाद तक आए इन देशों के अल्पसंख्यकों को भी भारत में रहने की फिलहाल छूट दी गई है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
– नेपाल और भूटान के नागरिकों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।
– भारत के नौसेना, सेना या वायु सेना के सदस्य जो ड्यूटी पर भारत में प्रवेश या बाहर जा रहे हैं और उनके परिवार के सदस्य, जब किसी सरकारी परिवहन के साथ होते हैं, उन्हें भी पासपोर्ट या वीजा ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
– यह नियम श्रीलंकाई तमिल नागरिकों और तिब्बतियों पर अलग से लागू होगा ।

Leave a Comment