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‘ यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है…’ जब नॉर्वेजियन पत्रकार ने पूछा मानवाधिकार पर सवाल, तो IFS सिबी जॉर्ज ने 5000 साल के इतिहास से दिया करारा जवाब!

PM Modi Norway Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. // आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज // इस कॉन्फ्रेंस में एक विदेशी महिला पत्रकार ने भारत में मानवाधिकारों को लेकर एक ऐसा तीखा सवाल पूछा, जिसके बाद विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न सिर्फ उस पत्रकार की बोलती बंद की, बल्कि पूरी दुनिया को भारत की ताकत, संस्कृति और लोकतंत्र का ऐसा पाठ पढ़ाया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा.

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विदेशी पत्रकार का सवाल: ‘हम आप पर भरोसा क्यों करें?’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नॉर्वे की एक महिला पत्रकार ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को घेरने की कोशिश की. उन्होंने अंग्रेजी में सीधे तौर पर पूछा:

“हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप यह वादा कर सकते हैं कि आप अपने देश में होने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने की कोशिश करेंगे?”

सवाल तीखा था और पत्रकार ने इस दौरान बीच में कई बार भारतीय अधिकारियों को टोकने (Interrupt) का प्रयास भी किया, लेकिन मंच पर मौजूद 1993 बैच के बेहद अनुभवी आईएफएस (IFS) अधिकारी सिबी जॉर्ज पूरी तरह शांत और गंभीर बने रहे.//आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज//

सिबी जॉर्ज का दोटूक जवाब: ‘पहले सुनिए, यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है’

सिबी जॉर्ज ने पत्रकार के सवाल को डायरी में नोट किया. जैसे ही उन्होंने जवाब देना शुरू किया, पत्रकार ने फिर से बीच में कुछ कहना चाहा. //आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// इस पर सिबी जॉर्ज ने बेहद विनम्रता लेकिन दृढ़ता से कहा, “आपने कुछ पूछा है, तो मुझे उसका जवाब देने दीजिए. यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है.”

इसके बाद सिबी जॉर्ज ने ‘भरोसे’ की परिभाषा को समझाते हुए भारत के 5,000 साल पुराने इतिहास की परतें खोल दीं:

  • सभ्यता और वैश्विक योगदान: “एक देश का मतलब सिर्फ आबादी, सरकार या संप्रभुता नहीं होता. हमें गर्व है कि हमारी सभ्यता 5000 साल से ज्यादा पुरानी है. आज दुनिया में हर जगह ‘इंडिया कनेक्ट’ है. फोन पर जो नंबर आप देखते हैं, उसकी उत्पत्ति भारत में हुई. शून्य (Zero) भारत ने दिया, चेस भारत में जन्मा और योग भी भारत की ही देन है.”

  • वैश्विक संकट में भारत की भूमिका: कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जब दुनिया संकट में थी, हम छिपकर नहीं बैठे. भारत ने आगे बढ़कर 150 से अधिक देशों को वैक्सीन और दवाइयां पहुंचाईं. इसी से दुनिया में भरोसा पैदा होता है.”

मानवाधिकार और लोकतंत्र पर दिया करारा जवाब

पत्रकार के मानवाधिकारों वाले हिस्से पर आते हुए सिबी जॉर्ज ने भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती को आंकड़ों के साथ दुनिया के सामने रखा:

  • दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र: “भारत में हाल ही में हुए चुनावों में लगभग 1 अरब (100 करोड़) लोगों ने हिस्सा लिया. दुनिया के कई देशों के विपरीत, भारत में हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण होता है.”

  • संवैधानिक गारंटी और स्वतंत्र न्यायपालिका: “हमारे पास एक मजबूत संविधान है जो हर नागरिक को मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) की गारंटी देता है. अगर किसी के भी अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो हमारे पास एक स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary) है, जहां कोई भी नागरिक सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है.”

  • प्रेस की स्वतंत्रता: भारत में अभिव्यक्ति की आजादी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में आज 200 से ज्यादा न्यूज़ चैनल हैं, जहां चौबीसों घंटे बिना किसी रोक-टोक के ब्रेकिंग न्यूज़ चलती रहती है.

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर पश्चिमी नैरेटिव को किया ध्वस्त

ईसाई समुदाय से आने वाले और वेटिकन सिटी में भारत के राजदूत रह चुके सिबी जॉर्ज ने अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भारत का बेदाग इतिहास सामने रखा. उन्होंने बताया कि:

  • भारत का इतिहास प्रताड़ित लोगों को शरण देने का रहा है. यहूदियों को भारत में कभी ज़ुल्म का सामना नहीं करना पड़ा.

  • भारत में आज 3 करोड़ (30 मिलियन) से ज्यादा ईसाई हैं और इस्लाम यहाँ सदियों से फला-फूला है.

  • आज़ादी के समय भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी लगभग 11% थी, जो आज बढ़कर 20% (100 मिलियन से ज्यादा) हो चुकी है, जो यह साबित करता है कि भारत में हर मजहब सुरक्षित है.

इस विस्तृत और तार्किक जवाब ने न सिर्फ उस विदेशी पत्रकार को शांत करा दिया, बल्कि इंटरनेशनल मीडिया के सामने भारत के नैरेटिव को बेहद मजबूती से स्थापित कर दिया.

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