बालको चिमनी कांड : न्याय की बलि चढ़ती फाइलें और चीनी ‘फरार’ आरोपी
कोरबा की वह काली दोपहर आज भी इंसाफ की पुकार कर रही है। 23 सितंबर 2009 को जब 240 मीटर ऊंची कंक्रीट की मीनार ढही, तो वह सिर्फ मलबा नहीं था, बल्कि उन 41 मजदूरों के सपनों की कब्रगाह थी। आज 16 साल बीत जाने के बाद भी न्याय की कछुआ चाल यह गंभीर सवाल … Read more