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IPS अंकिता शर्मा के AK-47 फायरिंग वीडियो पर विवाद: पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने उठाए गंभीर सवाल

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CG News 22 Oct 2026 AK 47 firing Controversy, : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस अधीक्षक (IPS) अंकिता शर्मा का विजयादशमी के अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा (साड़ी) में AK-47 राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सुरक्षा और अनुशासन के मोर्चे पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना और सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया है।

क्या है पूरा मामला?

विजयादशमी के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस लाइन में पारंपरिक ‘शस्त्र पूजन’ का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में एसपी अंकिता शर्मा भी उपस्थित थीं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज पूजन संपन्न होने के बाद, उन्होंने एक लोड की गई AK-47 राइफल संभाली और हवा में एक के बाद एक नौ राउंड फायरिंग की।

पुलिस और सैन्य बलों में शस्त्र पूजन की परंपरा सदियों पुरानी है, जहां हथियारों की पूजा कर उनकी रक्षा और कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प लिया जाता है। हालांकि, पूजा के अनुष्ठान और वास्तविक रूप से लाइव फायरिंग करने के बीच सुरक्षा के कड़े और अनिवार्य मानक होते हैं। इसी अंतर और कथित लापरवाही को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारी ने तीखे सवाल उठाए हैं।

पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों की प्रमुख आपत्तियां

सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों (टाइनी ढिल्लों) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी आलोचना करते हुए कई गंभीर बिंदुओं पर सवाल खड़े किए हैं:

  • असुरक्षित हथियार हैंडलिंग: वीडियो में एक लोडेड राइफल को जिस तरह से संभाला गया है, वह बुनियादी सुरक्षा मानकों के बिल्कुल विपरीत है।

  • मुफ्त दिशाहीन फायरिंग और ट्रिगर कंट्रोल की अनदेखी: राइफल का बैरल अलग-अलग दिशाओं में घूमता नजर आया, जो अनहोनी की स्थिति में आसपास खड़े लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।

  • ड्रेस कोड और अधिकृत उपयोग का सवाल: ढिल्लों ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी सेवा के हथियारों का इस्तेमाल इस तरह की गैर-अधिकृत गतिविधियों के लिए और बिना वर्दी (निर्धारित ड्रेस कोड) के किया जा सकता है।

  • प्रशिक्षण अकादमियों के नियमों की अनदेखी: पुलिस और सेना की ट्रेनिंग अकादमियों में जो सुरक्षा ड्रिल सिखाई जाती हैं, इस वीडियो में उनका पूर्ण अभाव दिखा।

  • ‘जिम्मेदारी के बिना अधिकार’: पूर्व सैन्य अधिकारी ने इसे कड़े अनुशासन के दायरे में रखते हुए उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कौन हैं पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों?

लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों भारतीय सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह सेना में अपने लंबे करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्हें केजेएस ‘टाइनी’ ढिल्लों के नाम से भी जाना जाता है।
ढिल्लों ने दिसंबर 1983 में राजपूताना राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया। वह श्रीनगर स्थित सेना की 15वीं कोर, जिसे चिनार कोर भी कहा जाता है, के कमांडर रह चुके हैं। उनके करियर की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रक्षा खुफिया एजेंसी के महानिदेशक का पद रहा। उन्होंने जनवरी 2022 में सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति ली।

चर्चा में क्यों हैं IPS अंकिता शर्मा?

अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की रहने वाली अंकिता ने यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर इतिहास रचा था। अपनी कड़ी मेहनत और प्रेरणादायक संघर्ष की कहानी के कारण वह देश के युवाओं के बीच एक लोकप्रिय चेहरा रही हैं। वर्तमान में वह राजनांदगांव में एसपी के रूप में तैनात हैं, लेकिन इस बार वह अपनी किसी प्रशासनिक उपलब्धि के बजाय शस्त्र पूजन के दौरान वायरल हुए इस विवादास्पद वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं।

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