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पुटका पहाड़ रामकचहरी के प्रवेश द्वार पर वन विभाग ने जड़ा ताला, पदयात्रा और मंदिर निर्माण की घोषणा पर उठे सवाल

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कोरबा 24/10/2026। पुटका पहाड़ स्थित ऐतिहासिक अध्यात्मिक स्थल रामकचहरी के मुख्य प्रवेश द्वार पर वन विभाग द्वारा ताला लगाए जाने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के बाद हाल ही में नगर निगम द्वारा आयोजित 13 किलोमीटर की पदयात्रा (वाकथान) और परिसर में मंदिर निर्माण की घोषणा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

गौरतलब है कि गत 17 अक्टूबर को नगर निगम ने ‘चलो रामकचहरी-राम भांचा के द्वार’ थीम पर दूधीडांगर से रामकचहरी तक पदयात्रा आयोजित की थी। इस आयोजन में निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय सहित जिला प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के नायक शोभिनव सत्य भी मौजूद थे, जिन्होंने हनुमान प्रतिमा का पूजन कर इस पहल की सराहना की थी।

अनुमति को लेकर विरोधाभास: आयोजन के बाद मुख्य द्वार पर ताला लगने से आम लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। अब यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या संरक्षित वन क्षेत्र में इतने बड़े कार्यक्रम के आयोजन से पूर्व वन विभाग से नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं।

  • निगम आयुक्त का पक्ष: नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय का कहना है कि स्वच्छता अभियान जैसे पुनीत कार्य वन क्षेत्र में आयोजित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मी भी मौजूद थे। मंदिर निर्माण के दावों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, निगम का उद्देश्य केवल जल संरक्षण और पौधारोपण में सहयोग करना है।

  • वन विभाग का पक्ष: कोरबा डीएफओ (DFO) प्रेमलता यादव ने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान वह प्रशिक्षण पर थीं और अनुमति संबंधी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के तहत किसी भी वन क्षेत्र में अवैध निर्माण की अनुमति नहीं है। मंदिर निर्माण या किसी भी ढांचागत विकास के लिए वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है।

वर्तमान में वन विभाग की इस सख्ती के बाद रामकचहरी में प्रस्तावित विकास कार्यों और प्रशासनिक तालमेल पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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