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गौपालन से संवरी जशपुर के मधुसुदन भगत की किस्मत, 27 गायों से रोज 60 लीटर दूध का उत्पादन, बनी मजबूत आय की राह

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रायपुर / बगीचा 9 सितंबर  Farmer Success Story : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में चलाए जा रहे प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। जशपुर जिले की नगर पंचायत बगीचा के निवासी मधुसुदन भगत इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जिन्होंने गौपालन को अपनी आजीविका और आत्मनिर्भरता का मुख्य साधन बना लिया है।

मधुसुदन भगत वर्ष 2005 से बड़े पैमाने पर पशुपालन कर रहे हैं। वर्तमान में उनके पास जर्सी, स्थानीय और मिश्रित नस्ल की कुल 27 गायें हैं। इन गायों से वे रोजाना 60 लीटर से अधिक दूध प्राप्त कर रहे हैं, जिसकी पूरी बिक्री स्थानीय बाजार में ही हो जाती है। इससे उन्हें हर महीने नियमित और सम्मानजनक आय हो रही है।

संतुलित आहार और नियमित देखरेख मधुसुदन बताते हैं कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए वे पशुओं के पोषण पर विशेष ध्यान देते हैं। गायों को मक्के के चूरे को खौलते पानी में पकाकर खिलाया जाता है, जिससे पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध का उत्पादन बढ़ता है। इसके साथ ही, स्थानीय पशु चिकित्सालय के सहयोग से वे समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच भी कराते हैं।

जैविक खेती को बढ़ावा दूध उत्पादन के साथ-साथ वे गोबर का भी सही प्रबंधन कर रहे हैं। दिन में दो बार गोबर एकत्र कर उससे वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) तैयार करते हैं। इस खाद का उपयोग वे अपने खेतों में करते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों का खर्च घटता है और जमीन की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है।

मधुसुदन भगत का मानना है कि सही मार्गदर्शन, नियमित देखभाल, और संतुलित आहार के साथ पशुपालन किया जाए तो यह किसानों के लिए आय का एक मजबूत और स्थायी जरिया बन सकता है।