कोरबा। सरकारी आरामगाह (रेस्ट हाउस) को ‘मैखाना’ बनाने वाले अधिकारियों पर आखिरकार गाज गिर गई है। डीएसपीएम (DSPM) प्लांट के रेस्ट हाउस में शनिवार को सजी शराब की महफिल का अंजाम तबादले के रूप में सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए चीफ केमिस्ट को कोरबा पूर्व से हटाकर पावर प्लांट मड़वा भेज दिया है।
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केमिकल नहीं, ‘कॉम्बिनेशन’ बना रहे थे साहब
डीएसपीएम प्लांट के चीफ केमिस्ट और उनके चार रईस साथियों को लगा था कि बंद कमरों के भीतर उनकी रंगीन शाम सुरक्षित है। लेकिन फाइलों की जगह सोडा के अनुपात में उलझे साहबों की किस्मत उस वक्त दगा दे गई, जब वहां साक्षात ‘सरकार’ यानी उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की एंट्री हो गई।
कैसे खुला ‘मधुशाला’ का राज?
दरअसल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने देखा कि पास के कमरे से सिगरेट का भारी धुआं निकल रहा है और ठहाकों की आवाजें आ रही हैं। जब जांच की गई तो मंजर हैरान करने वाला था:
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मेज पर सजी बोतलें: कमरे में शराब का दौर चल रहा था और सिगरेट के धुएं से पूरा कमरा किसी पावर प्लांट की चिमनी जैसा लग रहा था।
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फ्रीजर में बीयर: किचन के फ्रिज में खाने के बजाय बीयर की कैन कतार से सजी हुई थीं।
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वीडियो हुआ वायरल: इस पूरी पार्टी का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
मंत्री की नाराजगी और ‘ट्रांसफर’ का करंट
नजारा देखते ही उद्योग मंत्री बिफर पड़े। उन्होंने तत्काल एमडी एस.के. कटियार को फोन लगाकर अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के कड़े रुख के बाद कंपनी मुख्यालय हरकत में आया और सोमवार को स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया।
तबादला आदेश

यह कार्रवाई जिले के अन्य अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि सरकारी संपत्ति को निजी ऐशगाह बनाने का अंजाम भारी पड़ सकता है।








