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महिला आरक्षण बिल को जयसिंह अग्रवाल ने बताया ‘भ्रामक’, OBC कोटे की उठाई मांग

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कोरबा 20 अप्रैल 2026।

छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता जयसिंह अग्रवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर तीखा हमला बोला है। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस विधेयक के वर्तमान स्वरूप को “अधूरा और भ्रामक” करार देते हुए केंद्र की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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“आरक्षण के नाम पर महिलाओं के साथ छल”

अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के सिद्धांत का पूरी तरह समर्थन करती है, लेकिन जिस स्वरूप में इसे पेश किया गया है, वह केवल एक राजनीतिक स्टंट प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय इसे 2024 के चुनावों में वोट बैंक साधने की रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया है।

पिछड़े वर्ग (OBC) की अनदेखी पर जताई कड़ी आपत्ति

जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में सबसे प्रमुख मुद्दा OBC और वंचित वर्ग की महिलाओं के आरक्षण का उठाया। उन्होंने कहा: ▪️बिना OBC कोटे के यह बिल अधूरा है।▪️पिछड़े वर्ग की महिलाओं को अलग से प्रतिनिधित्व न देना सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांत के खिलाफ है।▪️यदि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिला को इसका लाभ नहीं मिलता, तो यह वास्तविक सशक्तिकरण नहीं कहलाएगा।

परिसीमन और जनगणना का ‘पेंच’

पूर्व मंत्री ने कानून को लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे जनगणना और परिसीमन की शर्तों के साथ जोड़ना इसकी सबसे बड़ी खामी है।

“2023 में बिल पास होने के बावजूद इसे लागू करने में कई वर्षों की देरी की जा रही है। अगर सरकार की मंशा साफ है, तो इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की स्पष्ट समयसीमा क्यों तय नहीं की गई?” — जयसिंह अग्रवाल

कांग्रेस की मुख्य मांगें

अग्रवाल ने मांग रखी कि सरकार को इस विधेयक में तुरंत सुधार करना चाहिए और निम्नलिखित प्रावधान जोड़ने चाहिए:

📍OBC कोटा: अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान।📍तत्काल क्रियान्वयन: परिसीमन की प्रतीक्षा किए बिना इसे तुरंत प्रभावी बनाना। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के साथ विकास सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।

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