अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)। शहर के संजय पार्क से वन्यजीव संरक्षण में एक बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पार्क के बाड़े की सुरक्षा में हुई भारी चूक का फायदा उठाकर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया, जिससे कुल 15 हिरणों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 3 बजे संजय पार्क स्थित बाड़े का गेट खुला रह गया था। इसी दौरान 4 से 5 आवारा कुत्ते बाड़े के भीतर घुस गए और वहां मौजूद हिरण, कोटरी और बारहसिंगा पर हमला कर दिया। मौके पर ही 14 हिरणों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हिरण ने रविवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रशासनिक गाज: 4 निलंबित, रेंजर को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य वन संरक्षक (सरगुजा वनवृत्त) ने त्वरित कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी रेंजर अशोक कुमार, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और गार्ड फलमनी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, संबंधित रेंजर अक्षयपाल ऋषि को कारण बताओ नोटिस जारी कर 5 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामले को दबाने की कोशिश?
सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद मामले को छिपाने का प्रयास किया गया और 14 हिरणों के शवों को पार्क के पीछे जंगल में जला दिया गया। हालांकि, वन मंडल अधिकारी (DFO) अभिषेक जोगावत ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह एक रेस्क्यू सेंटर है, इसलिए नियमानुसार पोस्टमार्टम के बाद वन्यजीव चिकित्सक की उपस्थिति में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
जांच और सुरक्षा के कड़े निर्देश
DFO ने स्वीकार किया कि यह हादसा प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम हो सकता है। फिलहाल:
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SDO के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई है जो 2 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।
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संजय पार्क को आम जनता के लिए 2-3 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
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बाड़े की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
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