बिलासपुर 18 जनवरी। न्यायधानी के सरकंडा स्थित विजयापुरम कॉलोनी में शनिवार को घरेलू कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। वेतन वृद्धि और रास्ता खोलने जैसी मांगों को लेकर इलाके की करीब 400 कामवाली बाइयां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गई हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कॉलोनी के लगभग 1500 घरों में सुबह की चाय से लेकर झाड़ू-पोछा और बर्तन जैसे रोजमर्रा के काम पूरी तरह प्रभावित रहे।
मुख्य विवाद: बंद रास्ता और बढ़ी दूरी
हड़ताल का सबसे बड़ा कारण आवाजाही के रास्ते को लेकर है। विजयापुरम कॉलोनी के पीछे स्थित अटल आवास में रहने वाली ये महिलाएं पहले एक छोटे रास्ते से कॉलोनी में प्रवेश करती थीं। हाल ही में इस रास्ते को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण अब उन्हें 4 से 5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर काम पर पहुंचना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि या तो पुराना रास्ता खोला जाए या फिर उन्हें आने-जाने के लिए अतिरिक्त किराया (भाड़ा) दिया जाए।
कामगार महिलाओं की प्रमुख मांगें:
हड़ताल पर बैठी महिलाओं ने प्रशासन और कॉलोनी प्रबंधन के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं:
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वेतन वृद्धि: वर्तमान महंगाई को देखते हुए मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की जाए।
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अवकाश: महीने में 3 दिन की सवैतनिक छुट्टी (बिना पैसे काटे) दी जाए।
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रास्ता बहाली: अटल आवास से विजयापुरम तक का बंद रास्ता तुरंत खोला जाए।
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पहचान पत्र: सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए सभी कामगारों के आई-कार्ड (ID Cards) बनाए जाएं।
घरों में मचा हड़कंप, गृहणियां बेहाल
शनिवार सुबह जब कामगार महिलाएं घरों में नहीं पहुंचीं, तो कॉलोनी में हड़कंप मच गया। कई घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन के ढेर लग गए। स्थिति यह रही कि खाना बनाना तो दूर, कई घरों में सुबह की चाय तक नसीब नहीं हुई। गृहणियों का कहना है कि अचानक हुई इस हड़ताल ने पूरे घर का बजट और शेड्यूल बिगाड़ दिया है।
“मांगें पूरी होने तक काम बंद”
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और रास्ता नहीं खोला जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगी। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं सड़क पर उतरकर विरोध जता रही है।








