Latest News
: 🚨 मोदी कैबिनेट का बड़ा विस्तार: 20 जून से पहले फेरबदल संभव, ‘एक व्यक्ति एक पद’ के तहत 2 बड़े मंत्रियों का इस्तीफा तय! गर्मी का टॉर्चर: बच्चों पर भारी पड़ रहा ‘समर डायरिया’, ओआरएस को बनाएं हथियार, लापरवाही पड़ेगी भारी पुणे में जहरीली शराब का तांडव: 15 लोगों की दर्दनाक मौत, मामले की जांच CID को सौंपी गई मेरे यहाँ लाइट नहीं, तो पूरे शहर की बत्ती गुल करो!” साहब का ‘तुगलकी फरमान’, बिजली कर्मी को धमकाने का आरोप कोरबा के शिवाय हॉस्पिटल की नई पहल: अब घर बैठे कराएं ब्लड टेस्ट, मिलेगी ‘होम ब्लड सैंपल कलेक्शन’ की सुविधा छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक संकट: नायब तहसीलदार से मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
Home » छत्तीसगढ़ » काल बनकर आई रफ्तार: धरमजयगढ़ में भीषण सड़क हादसा, बच्चों के सामने ही पिता ने तोड़ा दम

काल बनकर आई रफ्तार: धरमजयगढ़ में भीषण सड़क हादसा, बच्चों के सामने ही पिता ने तोड़ा दम

Share:

धरमजयगढ़ छत्तीसगढ़ 22 दिसंबर। नियति का क्रूर खेल देखिए, जिन मासूमों के साथ एक पिता बाजार में खुशियां बांटने गया था, घर लौटते वक्त उन्हीं की आंखों के सामने पिता की सांसे थम गईं। रविवार देर शाम धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे कमोसिनडांड गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक तेज रफ्तार पिकअप ने इको वाहन को ऐसी टक्कर मारी कि हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया। इस हादसे में व्यवसायी पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके तीन मासूम बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

बाजार से लौटते वक्त हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, ग्राम कमोसिनडांड निवासी पौलाराम भगत (36) रविवार को साप्ताहिक बाजार में व्यवसाय करने धरमजयगढ़ आए थे। उनके साथ उनके तीन बच्चे—अर्पण (9), अरुणा (7) और अंशु (5) भी थे। शाम को अपना काम निपटाकर पौलाराम बड़े चाव से बच्चों को लेकर इको वाहन से घर लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि घर की दहलीज तक पहुँचने से पहले ही मौत उनका रास्ता रोके खड़ी है।

पिकअप की लापरवाही ने छीना घर का चिराग

रास्ते में सामने से आ रही एक अनियंत्रित पिकअप के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए इको को सीधी टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि इको वाहन का अगला हिस्सा लोहे के मलबे में तब्दील हो गया। स्टयरिंग और इंजन के बीच फंसे पौलाराम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं पीछे बैठे तीनों बच्चे लहूलुहान होकर चीखने लगे।

मासूमों की हालत गंभीर, गांव में मातम

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

“पौलाराम अपने परिवार का इकलौता सहारा थे। उनकी मौत के बाद अब उनकी पत्नी और इन छोटे बच्चों के भविष्य पर अंधेरा छा गया है।” — शोक संतप्त ग्रामीण

हादसे की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़कों पर बरती जा रही लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Comment