Bijapur Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बंदेपारा के जंगल में चार अक्टूबर कोआईईडी विस्फोट हुआ । इस घटना में एक महिला माओवादी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी पहचान गुज्जा सोढ़ी के रूप में हुई है। वह करीब 7 सालों से मद्देड़ एरिया कमेटी में एक्टिव थी और पार्टी सदस्य के रूप में काफी सक्रिय थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह 12 बोर हथियार लेकर चलती थी ।

बता दे कि IED विस्फोट होने से महिला माओवादी के घायल होने के बाद उसके टीम के साथी उसे गंभीर हालत में छोड़कर मौके से भाग गए। साथी घायल माओवादी का हथियार अपने साथ ले गए।
स्थानीय ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के जवानों ने घायल माओवादी को ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल भेजा। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।
माओवादियों का क्रूर चेहरा उजागर
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि माओवादी संगठन अपने ही साथियों को संगठन छोड़ने पर मौत के घाट उतार रहे हैं और घायल या बीमार साथियों की उपेक्षा कर उन्हें जंगल में तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ देते हैं। संगठन के भीतर न कोई मानवीयता है, न कोई सहानुभूति। माओवादियों की नीति है “या तो लड़ो, या मरो”, जिसमें घायल साथियों को बोझ समझकर त्याग दिया जाता है ।
पुलिस की अपील
जिला पुलिस ने बीजापुर के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि समाज से भटके युवाओं से हिंसा के रास्ते को त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ें। पुलिस हर संभव सहायता हेतु तत्पर है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जवान लगातार कार्रवाई कर रहे हैं और सरकार का लक्ष्य 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करना है
नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सुरक्षाबलों को और मजबूत किया गया है। हाल ही में, बीजापुर जिले में एक बड़ी मुठभेड़ में 31 नक्सलियों को मार गिराया गया था। सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए एक नई पुनर्वास नीति लागू की है, जो उन्हें वित्तीय सहायता, शिक्षा और रोजगार प्रदान करती है ।








