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Chhattisgarh: बस्तर में बाढ़ का कहर, दो हजार से ज्यादा लोग शिविर में ठहराए गए,5 लोगों की मौत

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Flood wreaks havoc in Bastar, normal life disrupted: छत्तीसगढ़ के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। इन जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

*बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हाल*

>- 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

>- 43 राहत शिविरों में 2,196 लोगों को ठहराया गया है।

>- दंतेवाड़ा जिले में सबसे अधिक 1,116 लोग राहत शिविरों में हैं।

>- सुकमा में 790, बीजापुर में 120 और बस्तर में 170 लोग राहत शिविरों में ठहरे हुए हैं।

*प्रशासन की तैयारियां*

>- राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा रही है।

>- नगर सेना एवं एसडीआरएफ द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है।

>- जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।

*मुख्यमंत्री के निर्देश*

>- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

>- उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गांवों तक तुरंत सहायता पहुंचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए हैं।

>- मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें ।

बस्तर में बारिश से कई समस्याएं उत्पन्न हुई हैं:

>- *बाढ़ और जलभराव*: भारी बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। जलभराव के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

>- *संपर्क टूटना*: बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है, जिससे मेडिकल इमरजेंसी और दैनिक कामकाजी लोगों को परेशानी हो रही है।

>- *पुल और सड़कों का नुकसान*: भारी बारिश के कारण कई पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं या पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गया है।

>- *स्कूल और कॉलेजों में उपस्थिति में गिरावट*: जलभराव और बारिश के कारण स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति में गिरावट आई है।

>- *रेलवे सेवाओं में व्यवधान*: भारी बारिश के कारण रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है, जिससे ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

>- *स्वास्थ्य समस्याएं*: जलभराव के कारण मौसमी बीमारियों के प्रसार का खतरा बढ़ गया है।

प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं