कोरबा 28/10/2026 साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा खदान में ठेका कंपनी ‘PNC’ में कार्यरत भू-विस्थापित मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को खदान पहुँचकर काम बंद कराने के आरोप में दीपका थाना पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

6 महीने से लंबित मांगों को लेकर भड़का था आक्रोश
कंपनी में कार्यरत भू-विस्थापित कामगार पिछले छह महीनों से अपने बकाया वेतन, सुरक्षा और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। श्रमिकों का आरोप है कि बार-बार ध्यानाकर्षण और हड़ताल के बावजूद न तो SECL प्रबंधन और न ही PNC कंपनी ने उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया।
आश्वासन के अलावा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज श्रमिकों ने जिला पंचायत कोरबा के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल से संपर्क कर मदद मांगी थी। इसके बाद अजय जायसवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों और श्रमिकों ने मंगलवार को गेवरा खदान में धावा बोलकर दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कामकाज पूरी तरह ठप करा दिया।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ था प्रदर्शन, फिर दर्ज हुई FIR
हड़ताल के दौरान SECL और PNC कंपनी के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और कामगारों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। लेकिन इसके तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई।
SECL के सुरक्षा अधिकारी घनाराम सूर्यवंशी की शिकायत पर दीपका थाना पुलिस ने खदान परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने, हंगामा मचाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
इन नेताओं पर गिरी गाज (भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज)
पुलिस ने SECL अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर निम्नलिखित प्रमुख नेताओं व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(2), 127(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है:
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अजय जायसवाल (पूर्व उपाध्यक्ष, जिला पंचायत कोरबा)
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कमलेश कुमार प्रजापति (युवा कांग्रेस नेता)
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सेत मसीह (कोरबा सांसद प्रतिनिधि)
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मधुसूदन दास (नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिका बांकीमोंगरा)
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अन्य सहयोगी व ग्रामीण




