📍 छत्तीसगढ़ के विकास और सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों की बैठक में बस्तर के बदलते स्वरूप की गूंज
📍 पीएम जनमन और नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं से वनांचलों तक पहुंचा विकास
रायपुर/नई दिल्ली, 11 जून 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय (आदिवासी) समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और चौमुखी विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं।
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1. नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार और बस्तर में शांति का उदय
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। नक्सल हिंसा से सबसे ज्यादा पीड़ित हमारा आदिवासी समाज रहा है, जो अब शांति और सुरक्षा के नए दौर का गवाह बन रहा है।
बस्तर में चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
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‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) और ‘बस्तर मुन्ने’ (आगे बढ़ता बस्तर) जैसे अभियानों के जरिए सरकारी योजनाओं को सैचुरेशन मोड (शत-प्रतिशत परिवारों तक) में लागू किया जा रहा है।
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सुरक्षा के लिए बनाए गए कैंपों को अब ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से ग्रामीणों को राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
2. आदिवासी समाज को मिला वैश्विक सम्मान और पहचान
श्री साय ने रेखांकित किया कि मोदी सरकार ने आदिवासियों को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि देश के विकास का साझीदार बनाया है।
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देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति: श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रपति बनना देश के करोड़ों आदिवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है।
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जनजातीय गौरव दिवस: भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत की गई।
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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: इस योजना ने सुदूर वनांचल के गांवों के विकास की गति को तेज कर दिया है।
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पीएम जनमन योजना: इस योजना के जरिए विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के घरों तक पहली बार बिजली, पक्की सड़कें, साफ पेयजल और पीएम आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं।
3. बस्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्कृति का संरक्षण
कनेक्टिविटी की चुनौतियों को दूर करने के लिए बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी संस्कृति को सहेजने के लिए लगातार काम कर रही है:
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नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम और शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण किया गया है।
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बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों ने दुनिया के सामने हिंसा-मुक्त, मुस्कुराते और बदलते बस्तर की एक नई और सकारात्मक तस्वीर पेश की है।
4. ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मिला संबल
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए आर्थिक कदमों की भी जानकारी दी:
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पेसा (PESA) कानून का राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
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छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी की जा रही है, जिससे वनवासियों की आय बढ़ी है।
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कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को धान, दलहन और तिलहन का देश में सबसे बेहतर मूल्य दिया जा रहा है।
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खाद्य सुरक्षा: ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंत में दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार, प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।








