तिरुवनंतपुरम 9 मई : राजनीति में कहा जाता है कि ‘राज’ को जितना दबाया जाए, वो उतना ही शोर मचाता है। केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के चुनाव को लेकर चल रही गुप्त प्रक्रिया शुक्रवार को तब सार्वजनिक तमाशा बन गई, जब कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक की एक अनजानी ‘चूक’ ने सियासी धमाका कर दिया। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
कैमरे की पैनी नजर और ‘खुला’ हुआ राज

कांग्रेस आलाकमान ने मुकुल वासनिक और अजय माकन को तिरुवनंतपुरम भेजा था ताकि वे विधायकों की राय लेकर एक सीलबंद रिपोर्ट दिल्ली ले जाएं।//आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वासनिक ने अपनी फाइल को इस तरह पकड़ा कि कैमरे के लेंसों ने पन्नों के अंदर झांक लिया।
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली उस तस्वीर में कथित तौर पर विधायकों की एक लिस्ट दिख रही है, जिसमें सबसे ज्यादा विधायकों के नाम के आगे ‘KC’ (केसी वेणुगोपाल) लिखा हुआ है। देखते ही देखते वह ‘सीक्रेट फाइल’ पब्लिक रील बन गई और दिल्ली में बैठा सस्पेंस तिरुवनंतपुरम की गलियों में तेल लेने चला गया।
वेणुगोपाल: ‘लीक’ हुए मुख्यमंत्री या महज अफवाह?
वायरल हुई इस ‘लीक’ रिपोर्ट के बाद केसी वेणुगोपाल के खेमे में खुशी की लहर है। सूत्रों और दावों के मुताबिक:
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46 विधायकों ने वेणुगोपाल को अपनी पहली पसंद बताया है।
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वी.डी. सतीशन के पक्ष में मात्र 6 और रमेश चेन्निथला के पक्ष में 8 विधायकों के होने की चर्चा है।
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मालाबार क्षेत्र के 21 में से अधिकांश विधायकों ने वेणुगोपाल का झंडा बुलंद किया है।
जैसे ही फोटो वायरल हुई, मुकुल वासनिक ने तुरंत डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा, “यह तस्वीर तथ्यों पर आधारित नहीं है और पूरी तरह गलत है।” लेकिन जानकार कहते हैं कि राजनीति में जो दिखता है, वो अक्सर वही होता है जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही हो।
त्रिकोणीय मुकाबला: अब खड़गे की ‘अंतिम मुहर’ का इंतजार
| दावेदार | मौजूदा स्थिति | चुनौती |
|---|---|---|
| केसी वेणुगोपाल | दिल्ली दरबार के चहेते और ‘लीक’ रिपोर्ट के बादशाह। | गठबंधन सहयोगियों (जैसे मुस्लिम लीग) को साधना। |
| वी.डी. सतीशन | आक्रामक छवि, लेकिन ‘नंबर गेम’ में फिलहाल पीछे। | विधायकों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना। |
| रमेश चेन्निथला | अनुभवी खिलाड़ी और कद्दावर नेता। | अनुभव बनाम नई पीढ़ी की जंग। |
अगला कदम: रविवार को होगा फैसला?
मुकुल वासनिक और अजय माकन ने अपनी ‘कथित’ पारदर्शी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है। अब रविवार को दिल्ली में होने वाली बैठक में यह तय होगा कि केरल का अगला ‘कैप्टन’ कौन होगा। क्या आलाकमान उस ‘वायरल’ पसंद को ही अपना आशीर्वाद देगा, या फिर पार्टी के पास कोई ऐसा ‘सरप्राइज’ है जो कैमरों की नजर से बच निकला है?
फिलहाल तो केरल में चर्चा सिर्फ इस बात की है कि वासनिक जी की फाइल ने कांग्रेस की ‘सीक्रेसी’ का जो रायता फैलाया है, उसे दिल्ली दरबार कैसे समेटेगा।
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