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बंगाल का ‘सिंहासन’: क्या सुवेंदु के गढ़ में सेंध लगाएंगी अग्निमित्रा? दिल्ली के बुलावे ने बढ़ाई धड़कनें!

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West Bengal Politics : बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सस्पेंस मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर गहरा गया है। जहां एक ओर नंदीग्राम के नायक और ममता बनर्जी को हराने वाले सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है, वहीं दूसरी ओर अग्निमित्रा पॉल को दिल्ली से आए ‘स्पेशल कॉल’ ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

सीएम की रेस में अग्निमित्रा क्यों हैं ‘डार्क हॉर्स’?

बीजेपी इस बार बंगाल में ‘दिल्ली फॉर्मूला’ दोहराने के मूड में दिख रही है। जिस तरह दिल्ली में रेखा गुप्ता को कमान सौंपकर चौंकाया गया था, वैसा ही दांव बंगाल में अग्निमित्रा पॉल पर खेला जा सकता है। / आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज/ उनकी दावेदारी के पीछे ये मजबूत तर्क दिए जा रहे हैं:

  • महिला कार्ड और सुरक्षा: भाजपा ने पूरे चुनाव में महिला सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया। ममता बनर्जी के कड़े तेवरों का जवाब देने के लिए पार्टी एक महिला चेहरे को ही आगे करना चाहती है।

  • प्रचंड जीत का रिकॉर्ड: अग्निमित्रा ने आसनसोल दक्षिण सीट से इस बार बंगाल की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने टीएमसी के दिग्गज तापस बनर्जी को 40 हजार से अधिक वोटों से धूल चटाई।

  • हाईकमान का भरोसा: अमित शाह के संकल्प पत्र जारी करने से लेकर पीएम मोदी की बड़ी रैलियों तक, मंच का संचालन अग्निमित्रा ने ही किया। इसे उनकी बढ़ती स्वीकार्यता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

डिजाइनर से ‘फायरब्रांड’ नेता तक का सफर

अग्निमित्रा पॉल की पहचान सिर्फ एक राजनेता की नहीं है। राजनीति में आने से पहले वह एक सफल बिजनेसवुमेन और मशहूर फैशन डिजाइनर रही हैं। उन्होंने श्रीदेवी और मिथुन चक्रवर्ती जैसी हस्तियों के लिए कपड़े डिजाइन किए और उनका ब्रांड ‘इंगा’ पूरे बंगाल में मशहूर है। // आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज//2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में जमीनी स्तर पर काम किया और सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप के जरिए महिलाओं के बीच अपनी खास जगह बनाई।

दिग्गजों के बीच फंसा पेंच

फिलहाल सीएम की दौड़ में सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, शामिक भट्टाचार्य और रूपा गांगुली जैसे नाम शामिल हैं। लेकिन अग्निमित्रा को दिल्ली बुलाए जाने के बाद समीकरण बदलते दिख रहे हैं। क्या बीजेपी सुवेंदु के अनुभव पर भरोसा करेगी या अग्निमित्रा के रूप में एक नया ‘फायरब्रांड’ नेतृत्व बंगाल को देगी? इसका फैसला अब दिल्ली के हाथों में है।

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