चंडीगढ़ 9 मई । पंजाब की राजनीति में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर लंबी छापेमारी और पूछताछ के बाद की गई है।
छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7 बजे ED की टीम लगभग 8 से 15 गाड़ियों के काफिले के साथ संजीव अरोड़ा के आवास पर पहुंची। भारी संख्या में CRPF जवानों की तैनाती के साथ परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया था। कई घंटों की तलाशी और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। संजीव अरोड़ा के साथ-साथ दिल्ली और गुरुग्राम (हरियाणा) सहित उत्तर भारत के कुल पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ का कार्यालय भी शामिल है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक नए मामले (PMLA) के तहत हुई है।
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फर्जी GST बिल: आरोप है कि अरोड़ा की कंपनी ने मोबाइल फोन व्यापार में ₹100 करोड़ से अधिक के फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा किया।
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फंड की राउंड ट्रिपिंग: जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई से अवैध धन को भारत वापस लाने (Round Tripping) के लिए फर्जी एक्सपोर्ट और बोगस कंपनियों का सहारा लिया गया।
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पुराना इतिहास: इससे पहले 2024 में भी उन पर औद्योगिक जमीन को आवासीय प्रोजेक्ट में बदलने के आरोप लगे थे। हाल ही में अप्रैल में भी उनके ठिकानों पर FEMA के तहत छापेमारी हुई थी।
राजनीतिक घमासान: “पंजाब नहीं झुकेगा”
इस गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है:
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बंगाल चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार ने अब पंजाब के नेताओं को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “एक साल में तीसरी बार ED उनके घर आई है, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला। ED-BJP के इस अनैतिक गठबंधन का अंत पंजाब से ही होगा।”
संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में उद्योग, वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
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