कोरबा, 08 मई 2026 – जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने आज कटघोरा-चोटिया नेशनल हाईवे (NH-130) का सघन दौरा किया। // आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// अधिकारियों ने ब्लैक स्पॉट्स और खतरनाक मोड़ों का खुद मौका मुआयना कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
🛡️ दुर्घटनाओं पर लगाम: ‘रंबल स्ट्रिप’ और ‘सोलर स्टड’ से सजेगी सड़कें
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट किया कि मानवीय जान की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ग्राम बंजारी, मड़ई मोड़, लमना और चोटिया के पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए निम्नलिखित ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए:
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स्पीड कंट्रोल: हर बड़े मोड़ से 25 से 50 मीटर पहले रंबल स्ट्रिप लगाई जाएगी ताकि वाहनों की गति को प्राकृतिक रूप से कम किया जा सके।
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अंधेरे में सुरक्षा: रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए अंधे मोड़ों पर सोलर स्टड, कैट आई और रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।
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प्रकाश व्यवस्था: घाट और खतरनाक मोड़ों पर लाइट की विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि ड्राइवरों को रास्ता स्पष्ट दिखे।
🤝 संयुक्त टीम करेगी ‘नाइट पेट्रोलिंग’ और मार्किंग
सड़क सुरक्षा को वैज्ञानिक और व्यावहारिक बनाने के लिए कलेक्टर-एसपी ने एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा को एक विशेष टास्क फोर्स बनाने का निर्देश दिया है।
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संयुक्त टीम: इसमें पुलिस, नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI), परिवहन विभाग और PWD के अधिकारी शामिल होंगे।
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रात्रि निरीक्षण: यह टीम रात के समय उन स्थानों की पहचान करेगी जहाँ अंधेरे के कारण दुर्घटना की संभावना अधिक होती है।
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स्पीड ब्रेकर: ग्रामीण इलाकों से हाईवे पर मिलने वाली छोटी सड़कों (Link Roads) पर भी स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे ताकि अचानक कोई वाहन मुख्य मार्ग पर न आए।
📋 मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
निरीक्षण के दौरान शासन के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। //आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// इस अवसर पर कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार, तहसीलदार सुमन मानिकपुरी सहित नेशनल हाईवे और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर का संदेश: “सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गति नियंत्रण सबसे जरूरी है। तकनीकी सुधार और बेहतर संकेतकों के माध्यम से हम हर जान बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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