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पाकिस्तानी फौज का वो सच जो सरहद के इस पार कम ही लोग जानते हैं: वर्दी के पीछे की एक अनकही कहानी!

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नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2026: क्या आप जानते हैं कि जिस पाकिस्तानी सेना के साथ भारत का दशकों पुराना तनाव है, उसी सेना की वर्दी में कुछ ऐसे सैनिक भी हैं जो तिलक लगाते हैं और मंदिर जाते हैं?

यह सुनने में थोड़ा हैरान करने वाला लग सकता है, लेकिन आंकड़ों की परतें कुछ ऐसी ही हकीकत बयां करती हैं। उपलब्ध रिपोर्ट्स और बयानों के मुताबिक, पाकिस्तानी आर्मी में लगभग 200 के आसपास हिंदू सैनिक और अधिकारी इस वक्त अपनी सेवा दे रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

अगर इसे आंकड़ों के तराजू पर तौला जाए, तो 6.5 लाख सक्रिय सैनिकों वाली इस विशाल फौज में हिंदुओं का हिस्सा महज 0.03% से भी कम बैठता है। हालांकि पाकिस्तान में हिंदू आबादी लगभग 2% है, लेकिन सेना में उनकी मौजूदगी इस अनुपात में काफी कम है।

इस सस्पेंस भरी कहानी में मोड़ साल 2000 के बाद आया। इससे पहले हिंदुओं के लिए सेना के दरवाजे लगभग बंद थे। लेकिन पिछले दो दशकों में तस्वीर धीरे-धीरे बदली है। ( आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज ) साल 2022 में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद संसद में कुबूल किया था कि 200 से ज्यादा हिंदू अलग-अलग रैंकों पर तैनात हैं।

दिलचस्प बात यह है कि 2006 में पहली बार किसी हिंदू को अधिकारी के तौर पर नियुक्त कर इतिहास रचा गया था। ( आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज ) हाल ही में दो हिंदू अधिकारियों का ऊंचे पदों पर प्रमोशन इस बात की ओर इशारा करता है कि अब वहां की व्यवस्था में कुछ बदलाव की सुगबुगाहट है। ये सैनिक ज्यादातर सिंध प्रांत से आते हैं, जो पाकिस्तान में हिंदुओं का मुख्य गढ़ है। हिंदू सैनिकों के साथ-साथ ईसाई और सिख भी वहां की फौज का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी भी किसी रहस्यमयी अल्पसंख्या से ज्यादा नहीं है।

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