Latest News
छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: DEO ने थाना प्रभारी को थमाया नोटिस, 7 साल तक जेल में बंद रहा शिक्षक और विभाग को भनक तक नहीं लगी! 4 करोड़ का कैश, सीक्रेट चेंबर और कोर्ट का झटका: छत्तीसगढ़ के चर्चित कैश जब्ती मामले में आया नया मोड़! लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा राष्ट्रीय एकता का संकल्प, मंत्री लखन लाल देवांगन व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अर्पित किए श्रद्धासुमन चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: छत्तीसगढ़ में प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राहत, सीएम साय ने दिए सर्वे के निर्देश छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सियासी घमासान: सुधांशु त्रिवेदी बोले— ‘जंगल से नक्सलवाद गया, पर दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ बाकी’ रात को सोते समय पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है? जानिए कारण, राहत के उपाय और कब लें डॉक्टर की सलाह
Home » धर्म » हसदेव तट पर गूंजे माता के जयकारे: मां सर्वमंगला का भव्य श्रृंगार, सप्तमी पर दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़

हसदेव तट पर गूंजे माता के जयकारे: मां सर्वमंगला का भव्य श्रृंगार, सप्तमी पर दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़

Share:

कोरबा। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर कोरबा अंचल की जीवनदायिनी हसदेव नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध आस्था स्थल मां सर्वमंगला मंदिर में इस वर्ष भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं सप्तमी तिथि पर भक्तों की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करते नजर आए।

मां सर्वमंगला मंदिर जिले की प्रमुख आस्था स्थली मानी जाती है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ प्रारंभ हुए चैत्र नवरात्र में दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन और मनोकामना लेकर पहुंचे। सप्तमी के दिन मां सर्वमंगला का विशेष श्रृंगार किया गया। आकर्षक पोशाक और भव्य आभूषणों से सुसज्जित देवी के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए, जिनकी रोशनी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, अलग-अलग कतार, पार्किंग व्यवस्था तथा सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रही।

मां सर्वमंगला मंदिर के राजपुरोहित नन्हा महाराज ने बताया कि सप्तमी और अष्टमी के दिन विशेष पूजा के कारण सबसे अधिक भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद और भंडारे की व्यवस्था पूरे नवरात्र तक की गई है। नवरात्र के समापन तक लाखों श्रद्धालुओं के मां सर्वमंगला के दरबार में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।


।।।