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छत्तीसगढ़ के सभी गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा: 1.33 लाख से अधिक ग्रामीणों को मिले संपत्ति कार्ड

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रायपुर/नई दिल्ली: भारत सरकार की स्वामित्व योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के सभी 15,791 अधिसूचित आबादी वाले गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

मुख्य आंकड़े और प्रगति

केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ललन सिंह ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को इस प्रगति की जानकारी साझा करते हुए बताया कि योजना का क्रियान्वयन युद्ध स्तर पर जारी है:

  • कुल गांव (सर्वेक्षित): 15,791

  • तैयार संपत्ति कार्ड (गांव): 2,709 गांवों के कार्ड तैयार।

  • कुल निर्मित कार्ड: 2,07,600

  • वितरित कार्ड: 1,33,487 कार्ड मालिकों को सौंपे जा चुके हैं।

वितरण में अग्रणी जिले

संपत्ति कार्ड वितरण के मामले में छत्तीसगढ़ के इन जिलों ने बाजी मारी है:

  1. महासमुंद: 39,626 कार्ड (सर्वाधिक वितरण)

  2. धमतरी

  3. बलौदाबाजार-भाटापारा

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस पहल को ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की रीढ़ बताया है। उन्होंने कहा कि इन संपत्ति कार्डों (Record of Rights) के माध्यम से ग्रामीणों के लिए वित्तीय द्वार खुलेंगे। अब ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति के आधार पर बैंकों से संस्थागत ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ने में मदद मिलेगी।

कैसे हुआ क्रियान्वयन?

इस अभियान की सफलता के पीछे ग्राम पंचायतों और राज्य राजस्व अधिकारियों का बेहतर तालमेल रहा है। सटीक सीमांकन, मानचित्र सत्यापन और त्वरित कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ने इस मिशन को गति दी है।


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